मथुरा। चौबिया पाड़ा में टीले पर बने दर्जनों मकानों का दरकने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय लोगों ने कई बार जिम्मेदारों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं। जिम्मेदार माया टीले जैसे ढहने का इंतजार कर रहे हैं। हालत ऐसे हो गए हैं कि नव निर्मित मकान भी धराशायी होने की स्थिति में हैं।
स्थानीय निवासी दीवारों की दरारों में टेप चिपकाकर दरारें बढ़ने का आंकलन कर रहे हैं। अफसर इससे अनजान बने हैं। शिकायत के बाद भी अफसरों ने उस ओर झांकने की जहमत नहीं जुटाई है। माया टीला हादसा होने के बाद चौबिया पाड़ा के निवासियों में भी डर का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि टीले पर बने दर्जनों मकानों में दरारें आ गई हैं।
रात के समय अजीब सी आवाजें आती हैं। पवन चतुर्वेदी का कहना है कि यहां पर करीब 22 साल से मकानों में दरारें आने का सिलसिला जारी है। लोग रात में चैन की नींद नहीं सो पा रहे हैं। पवन के अनुसार प्रतिदिन एक इंच के हिसाब से दीवारों की दरारें बढ़ती जा रही हैं।