वृंदावन। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) द्वारा होटल एवं गेस्ट हाउसों के खिलाफ की जा रही सीलिंग कार्रवाई के विरोध में सोमवार को व्यापारियों के संगठनों ने अधिकारियों को ज्ञापन दिया। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, वृंदावन और नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व में होटल एवं गेस्ट हाउस संचालकों ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से जिलाधिकारी और एमवीडीए उपाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने बिना पूर्व नोटिस और पर्याप्त समय दिए प्रतिष्ठानों को सील किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
ज्ञापन में मांग की गई कि जिन होटल एवं गेस्ट हाउसों को सील किया जा चुका है, उन्हें तत्काल सीलमुक्त किया जाए। साथ ही भविष्य में किसी भी कार्रवाई से पहले संचालकों को नोटिस देकर भवन संबंधी कमियां दूर करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। व्यापारियों ने प्रशासन से सिंगल विंडो व्यवस्था लागू कर सभी आवश्यक विभागों की स्वीकृतियां एक ही स्थान से उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। यह भी सुझाव दिया गया कि जो होटल एवं गेस्ट हाउस व्यावहारिक कारणों से सभी मानकों को तत्काल पूरा नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें होम-स्टे नीति के तहत अधिक कमरों के साथ संचालन की अनुमति दी जाए। इसके अलावा जिन आवासीय क्षेत्रों में वर्षों से होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, उन्हें व्यावसायिक क्षेत्र घोषित किया जाए।
बेसमेंट में चलने वाले गेस्ट हाऊस संचालकों से कहा जाएगा कि गेस्ट हाउस की तरह इस्तेमाल न करें। सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्रा ने कारोबारियों को आश्वास्त किया कि उनकी मांगों को अधिकारियों के समक्ष रखेंगे और उन्होंने यह समझाया कि प्रशासन की किसी से दुश्मनी नहीं है। लेकिन नियमों का माखौल उड़ाना भी ठीक नहीं है। ज्ञापन सौंपने वालों में नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष आलोक बंसल, उद्योग उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष धनेंद्र अग्रवाल बॉबी, महामंत्री विजय राघव, उपाध्यक्ष गिरधारी शर्मा, नगर मंत्री राहुल शुक्ला, शाहिद कुरैशी आदि मौजूद रहे।