चतुर्वेदी समाज के परंपरागत डोले में रसिया, होरी की आध्यात्मिक बरसात के साथ गुलाल के गुलचाओं से समूचा ब्रज सराबोर हो गया। श्रीमाथुर चतुर्वेद परिषद के तत्वावधान में डोले का शुभारंभ विश्राम घाट से हुआ।
सर्वप्रथम यमुना महारानी की झांकी, बैंड बाजों के साथ श्रीकृष्ण जन्मस्थान की झांकी में राधा-कृष्ण के स्वरूप ब्रजवासियों पर गुलाल की बौछार करते चल रहे थे। राजाधिराज की आकर्षक झांकी आकर्षण का केंद्र थी। होरी, रसियाओं के स्वरों में हर कोई मदमस्त हो उठा।
होलीगेट पर मदनमोहन श्रीवास्तव, संजय चतुर्वेदी, केके चतुर्वेदी, कोतवाली रोड पर नरेंद्र सैनी, गोपाल चतुर्वेदी, मनोज पाठक अशर एग्रो, दिनेश पंडित, नरसो, सत्येंद्र चतुर्वेदी और चौक बाजार में योगेंद्र चतुर्वेदी ने स्वागत किया। समापन पर मुख्य संरक्षक महेश पाठक ने राधा-कृष्ण की आरती उतारी। दिनेश पाठक, पूर्व मंत्री रविकांत गर्ग, गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, मदन मोहन चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहे।
विदेशी भक्त बने आकर्षण का केंद्र
श्रीमाथुर चतुर्वेद परिषद के डोले में विदेशी भक्त भी अच्छी खासी संख्या में थे। होली के इस अनूठे उत्सव को ये अपने कैमरे में कैद कर रहे थे। चतुर्वेदी समाज के बच्चों की टोली इन विदेशी भक्तों से ठिठोली कर होली की मस्ती में सराबोर कर रही थी।