ब्रज के मंदिरों में होली की मस्ती छाई है। रंग बरसै, गुलाल बरसै राधारानी हमारी पै रंग बरसै..., मेरौ खोय गयौ बाजूबंद, रसिया होली में....होली के गीतों के सस्वरों पर थिरकते श्रद्धालु अद्भुत आनंद की अनुभूति कर रहे हैं। ठाकुरजी के मंदिर में उड़ने वाले गुलाल को लगाने की होड़ मची है।
मथुरा के प्राचीन द्वारिकाधीश मंदिर में सुबह राजभोग दर्शन में होली गायन श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना है। यहां ढप की थाप के साथ होली के गीतों को सुन श्रद्धालु सुध-बुध भुलाकर थिरकने लगते है। मंदिर में नई पीढ़ी भी भक्ति के इस आनंद में सराबोर है।
गुरुवार को कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज के रमणरेती स्थित आश्रम में होली का आनंद बरसेगा। यहां संतों के सानिध्य में देश-विदेश से आए श्रद्धालु ब्रज के इस अद्भुत उत्सव में शामिल होकर खुद को धन्य करेंगे। इसके साथ ही नंदगांव, बरसाना, श्रीकृष्ण जन्मस्थान, गोकुल, बलदेव सहित ब्रज के प्रमुख मंदिरों में होली का उल्लास अपने चरम पर पहुंच रहा है।
होली के मुख्य आयोजन...
- 2 मार्च को रमणरेती आश्रम में होगी होली
- 5 मार्च को बरसाना में लड्डू होली
- 6 मार्च को बरसाना में लठामार होली
- 7 मार्च को नंदगांव में लठामार होली
- 8 मार्च श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर लठामार, ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में होली
- 9 मार्च को गोकुल में छड़ी मार हुरंगा
- 13 मार्च को द्वारिकाधीश मंदिर में होगा उत्सव
- 14 मार्च को बलदेव (दाऊजी) में हुरंगा