मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए बुलंदशहर के रामघाट से गंगाजल लेकर शुरू हुई हिंदू चेतना यात्रा सोमवार को पांचवे दिन मथुरा पहुंची। इस दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप व अन्य संतों ने चेतना यात्रा का स्वागत किया। साधु-संतों ने विभिन्न राज्यों में चेतना यात्रा चलाकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति का संकल्प लिया है।
डैंपियर नगर स्थित होटल हीरा क्रिस्टल में चेतना यात्रा में शामिल साधु-संतों का स्वागत सम्मान किया गया। साथ ही उत्तराखंड, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार और प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए यात्रियों ने भगवान श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मूल गर्भ गृह पर भव्य मंदिर निर्माण कराने का संकल्प लिया। इस दौरान महेंद्र प्रताप ने कहा कि ऐसी ही यात्राएं देशभर से ही नहीं अब विश्व से मथुरा आएंगीं।
यह सिर्फ एक आगाज भर है, अभी तो इससे भी बड़ी यात्रा यहां आएंगी। कहा कि, मंदिर निर्माण का जब भी इतिहास लिखा जाएगा, तो पैदल यात्रियों के एक-एक पग का योगदान भी स्वर्ण अक्षर में अंकित होगा। हिंदू चेतना यात्रा में स्पेन से शामिल होने के लिए आए स्वामी उमेश योगी महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर तोड़कर औरंगजेब के द्वारा बनाई गई मस्जिद को हटा कर वहां मंदिर निर्माण के लिए महासंवाद की शुरुआत की थी, जो आज यात्राओं के रूप में बदल गईं हैं। स्वामी कांताचार्य अकेले नहीं हैं आगे हजारों कांताचार्य ऐसी ही यात्राएं लेकर मथुरा आएंगे।
जनसंवाद को जन-जन तक पहुंचाएंगे। वहीं सिद्ध धाम आश्रम अक्छोड़ा के पीठाधीश्वर स्वामी कांताचार्य महाराज ने कहा कि राम मंदिर बन गया है अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि की बारी है। इस दौरान शुचि स्मिता, डॉ. लक्ष्मी गौतम, श्रीकृष्णानंद महाराज, गोविंदानंद तीर्थ, स्वामी संजीव गर्ग, महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. आदित्यानंद गिरी महाराज, श्यामानंद महाराज, रामदास महाराज, महंत श्यामदास महराज, श्रीचंद्र नंद स्वामी, ब्रह्मानंद सरस्वती, चरणदास उर्फ भैया, मयंक भारद्वाज, दिनेश शर्मा, सुशील उपाध्याय, ठाकुर केदारी सिंह, विनोद शर्मा, नंदलाला शर्मा और वेदांत भारद्वाज समेत अन्य मौजूद रहे।