मथुरा। रक्षा बंधन और जन्माष्टमी के त्योहार के उल्लास में मिठास घोलने वाली चीनी कड़वी हो गई है। महंगाई की मार के चलते बीते दस दिनों में ही इसकी कीमत में 15 फीसदी तक बढ़ गई है। खाने के तेलों में महंगाई की मार के बाद अब त्योहारी सीजन में चीनी की बढ़ती कीमत ने मिठाइयों को भी लोगों की पहुंच से दूर कर दिया है।
ब्रज में त्योहारों का मौसम शुरू हो गया है। रक्षाबंधन, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और फिर राधाष्टमी का त्योहार आने वाला है। ठीक इससे पहले चीनी की कीमत आसमान पर पहुंचने लगी है। बीते 10 दिनों का ही आंकड़ा देखें तो थोक में 35 रुपए किलो तक बिकने वाली चीनी अब 38 से 40 रुपए प्रति किलो हो गई है। फुटकर में तो इसकी कीमतें 42 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
अचानक चीनी की कीमतों में आए उछाल से आम व्यक्ति के माथे पर चिंता की लकीरें खिच गई हैं। सबसे बुरा हाल निम्न वर्गीय परिवारों का है। कोविड के दौर में सरकार ने मुफ्त अनाज और दाल (चना) लेने वाला गरीब परिवार भी विचलित हैं। सरकार ने चीनी वितरण की कोई व्यवस्था नहीं की है। ऐसे में इन लोगों के लिए त्योहार पर मिठाई खाना सपने देखने जैसा हो गया है।
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बीते 10 दिनों में ही थोक बाजार में चीनी 4 से 5 रुपए प्रति किलो तक महंगी हो गई है। त्योहारों के मौसम में बाजार में चीनी की मांग है। थोक बाजार में महंगाई का सीधा असर फुटकर की कीमतों पर भी पड़ रहा है। नई कीमतों को जानकर छोटे कारोबारी चौंक रहे हैं।
-संजय खंडेलवाल, उपाध्यक्ष जवाहर गंज गल्ला व्यवसायी समिति
अचानक चीनी की कीमतों में आए बदलाव का असर मिष्ठान बाजार पर पड़ रहा है। हालांकि फिलहाल कीमतों में इजाफा नहीं किया है, लेकिन ये कीमत परेशान करने वाली हैं। चीनी की कीमत इसी तरह बढ़ी तो त्योहारों पर मिष्ठान महंगा होना लाजमी है।
-कैलाश गुप्ता, लक्ष्मीनगर