मथुरा। प्रयागराज स्थित हाईकोर्ट में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामलों के साथ ही सूट नंबर 3 पर भी सुनवाई हुई। इसमें वादी अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने जामा मस्जिद आगरा की सीढि़यों में दबे भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह को निकलवाने के लिए कोर्ट कमीशन जारी ने करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए इससे इन्कार कर दिया।
अधिवक्ता महेंद्र प्रताप द्वारा दायर याचिका में कहा गया है 1670 में मुगल शासक औरंगजेब ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को ध्वस्त करवा दिया था। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित भगवान श्रीकृष्ण के स्वर्ण जड़ित विग्रह को ले जाकर आगरा स्थित जामा मस्जिद की सीढ़ियों में चुनवा दिया था। औरंगजेब ने ऐसा हिंदू आस्था को ठेस पहुंचाने के इरादे से किया था। उन्होंने हाईकोर्ट से विग्रह को जामा मस्जिद से निकालकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा के गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठा के साथ स्थापित कराए जाने की प्रार्थना की थी।
शुक्रवार को इस मामले में भी हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें वादी अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह को निकलवाने के लिए कोर्ट कमीशन जारी करने की मांग की। हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार कोर्ट कमीशन जारी नहीं किया जा सकता है। अधिवक्ता महेंद्र प्रताप ने बताया कि हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई यथावत चलती रहेगी।