मथुरा। विकास खंड बलदेव की ग्राम पंचायत जटौरा में मनरेगा के कार्य में हुए 18 लाख रुपये के गड़बड़झाला में सीडीओ ने उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है। यह समिति प्रधान द्वारा की जा रही आपत्तियों की जांच करेगी। हालांकि बीडीओ बलदेव पहले ही मामले की जांच कर चुकी हैं। उनकी जांच पर ही प्रधान ने सवाल उठाए हैं।
दरअसल, जटौरा में मनरेगा कार्यों में फर्जीवाड़े की शिकायत जिलाधिकारी से की गई थी। जिलाधिकारी के आदेश पर बीडीओ बलदेव नेहा रावत ने अपने साथियों के साथ जांच की थी। इसमें उन्होंने प्रधान विकास कुमार, सचिव तरुण कुमार और रोजगार सेवक ललित कुमार पर मनरेगा कार्य में 18 लाख रुपये गबन का आरोप लगाया था।
उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी थी। प्रधान की आपत्तियों के बाद सीडीओ मनीष मीना ने फिर से मामले की जांच कराने के लिए उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इसमें बीडीओ नेहा रावत, मनरेगा लोकपाल डॉ. उग्रसेन पांडेय और लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता को शामिल किया गया।
सीडीओ मनीष मीना ने बताया है कि यह समिति प्रधान द्वारा की जा रही आपत्तियों की जांच करेगी। साथ ही बीते दिनों हुई जांच के बिंदुओं को भी परखेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की दिशा तय की जाएगी।