भाई दूज पर्व मनाने के लिए घर जाने वाले यात्रियों की भीड़ से बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन खचाखच नजर आए। शुक्रवार की सुबह से ही स्थिति नजर आई। स्टेशन पर ट्रेन के आते ही यात्रियों की भीड़ उस पर ऐसे टूटती जैसे यह उनके गंतव्य की ओर जाने वाली आखिरी ट्रेन हो। कई बार बिना लाइन के ही टिकट लेने के चक्कर में विवाद की भी स्थिति उत्पन्न हो गई।
रेलवे स्टेशन पर हाथरस जा रहे देवेंद्र रावत ने बताया कि हाथरस जाने के लिए बारह बजे के बाद फिर शाम को ही ट्रेन मिलेगी। यही कारण है कि ट्रेन में भारी भीड़ है। बताया कि वह अपनी बहन के साथ गुरुवार रात्रि में ही मथुरा यमुना स्नान करने के लिए आ गए थे। अब वापस अपने घर जा रहे हैं। योगेंद्र पाल ने कहा कि वह प्रत्येक वर्ष अपनी बहन के पास फीरोजाबाद जाते हैं। हर बार इतनी ही भीड़ मिलती है।
यही हालत बस स्टैंड पर नजर आई। बस के आने पर सभी यात्री एक साथ उसकी ओर भागते। जब पता लगता कि यह बस गंतव्य स्थान तक नहीं जाएगी तो फिर मायूस होकर लौट पड़ते। आगरा जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे अमित पंडित बोले कि वह करीब एक घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन यहां इतनी भीड़ है कि बस के आते-आते ही फुल हो जाती है।
रोडवेज व्यवस्था पूरी करने में रहा नाकाम
यमद्वितीय पर्व पर रोडवेज की व्यवस्थाएं अधूरी ही रहीं। यात्रियों को बस स्टैंड पर बसों के लिए परेशान होना पड़ा। उन्हें कोई बताने वाला भी नहीं था कि उनके गंतव्य स्थान की ओर जाने वाली बस कितनी देर में आएगी। इसका लाभ डग्गेमार वाहन संचालकों ने उठाया।
जीआरपी-आरपीएफ ने निभाई जिम्मेदारी
जंक्शन रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ को देखते हुए जीआरपी-आरपीएफ ने संयुक्त रूप से यात्रियों को सकुशल ट्रेन के अंदर पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाई। ताकि भीड़ के दबाव के चलते कोई भी यात्री किसी अप्रिय घटना का शिकार न हो पाए।