वृंदावन। ओमेक्स एंटिर्निटी के रहने वाले सुरेश शर्मा को बुखार आया तो उन्होंने गूगल से एंटीबायोटिक दवा की सलाह ली। गूगल की बताई दवा को मेडिकल स्टोर से खरीद कर सेवन कर लिया। तीन दिन दवा खाने के बाद बुखार तो उतर गया लेकिन पेट में दर्द शुरू हो गया। जिला संयुक्त चिकित्सालय में डॉक्टर को दिखाया तो पता लगा कि उसके पेट में अल्सर हो गए हैं।
यह हाल अकेले सुरेश शर्मा का नहीं है। कई ऐसे लोग हैं जो गूगल से दवाओं के बारे में पता करते हैं और बिना चिकित्सकों के सलाह के ही दवा ले लेते हैं, जिससे परेशानी ठीक होने की जगह-जगह बड़ा रूप ले लेती हैं। कई बार दूसरे साइड इफेक्ट पैदा हो जाते हैं।
जिला संयुक्त चिकित्सालय की सीएमएस डॉ. वंदना अग्रवाल ने बताया कि गूगल से पूछकर दवाओं को लेना खतरे से खाली नहीं है। कभी-कभी दवाएं सीधे तौर पर अंगों पर असर डालती है। कई बार परिणाम गंभीर भी हो सकते हैं।
एक दवा कई मर्ज में करती है काम
चिकित्सकों ने बताया कि एक दवा कई मर्जाें में काम करती है। लेकिन गूगल पर यह सब उपलब्ध नहीं है। उसे किस तरीके से लेना है, यह भी गूगल पर उपलब्ध नहीं है। इसलिए कोई भी दवा को खाने के लिए चिकित्सीय सलाह की आवश्यकता होती है।
पूर्व में ऐसे मामले आ चुके हैं सामने
चिकित्सकों के अनुसार यह पहला मामला नहीं है। कई लोग आजकल गूगल या सोशल मीडिया से दवा की जानकारी लेकर बिना चिकित्सक की सलाह के ही उसका सेवन करने लगते हैं, जिससे छोटी समस्या गंभीर रूप ले लेती है। पहले कई लोग गंभीर बीमारी को लेकर आए थे।