मथुरा। गोवर्धन विधानसभा क्षेत्र के हकीमपुर गांव का जल संकट मुद्दा चुनावी वादों में हवा-हवाई हो गया है। प्रत्येक चुनाव में राजनेताओं ने ग्रामीणों को सिर्फ दिलासे दिए। न टंकी लगवाई न ही पेयजल आपूर्ति का पर्याप्त इंतजाम किया। गांव के लोग बिजली के खंभों के सहारे पानी की पाइप लाइन डालकर पानी की आपूर्ति कर रहे हैं।
ग्रामीण रामेश्वर सिंह और प्रकाश सिंह का कहना है कि गर्मी के दिनों में पानी की किल्लत बढ़ जाती है। वर्षों से गांव के लोग इसी हाल में जूझ रहे हैं। चुनावों के दौरान राजनेता सिर्फ दिलासा देते हैं। बड़े-बड़े वादे करेंगे और बड़ी योजना की घोषणा करेंगे। बढ़ाचढ़ा कर पानी मुहैया कराने या मुफ्त देने के वादों को प्रमुखता देंगे। फिर चुनाव जीतने के बाद गांव की रास्ता ही भूल जाते हैं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि पानी के मामले में कौन जिम्मेदार है? इसे दूर करने में राजनेता और प्रशासन कैसे लापरवाही बरत रहे हैं। वहीं रतनलाल और मोहन ने कहा है कि उन्होंने जल संकट के समाधान के लिए कई राजनेताओं से मांग की, लेकिन काई सुनवाई नहीं हुई। न ही गांव के प्रधान ध्यान दे रहे है।
जल जीवन मिशन के तहत विधानसभा क्षेत्र में 80 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। बाकी गांवों में कार्य जारी है। इस माह के अंत में योजना के तहत हकीमपुर गांव में भी कार्य शुरू होगा। इसके बाद ग्रामीणों को जल संकट से निजात मिल जाएगी।
-ठाकुर मेघश्याम सिंह, विधायक गोवर्धन विधानसभा