वृंदावन। धर्मनगरी को चमकाने के लिए प्रदेश सरकार ने अब तक करोड़ों रुपये की परियोजनाएं शुरू की हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। नगर निगम की लापरवाही और ठेकेदार कंपनियों की मनमानी के कारण पवित्र नगरी में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गलियों में कूड़े के ढेर, नालियों का ओवरफ्लो और सड़कों पर बहता गंदा पानी अब आम नजारा बन चुका है।
हाल ही में वार्ड नंबर 70 की सफाई व्यवस्था का ठेका बीवीजी कंपनी को दिया गया है लेकिन बिहारी जी मंदिर के आसपास की स्थिति बेहद खराब है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सफाई का कार्य भीड़ के समय किया जाता है सुबह नहीं, बल्कि दोपहर 11 बजे झाड़ू लगती है और कूड़ा उठाने का समय होता है शाम 6:30 बजे। जब बाजार सबसे अधिक भीड़भाड़ वाला होता है। जबकि मंदिर दोपहर 1 से शाम 4 बजे तक बंद रहता है और उस समय बाजार भी शांत रहता है। बावजूद इसके सफाई नहीं की जाती।
गुरुकुल से राजपुर जाने वाले मार्ग पर हमेशा गंदा पानी जमा रहता है और इससे गुजरने वाले भक्तों को भारी असुविधा होती है। सबसे पीड़ादायक स्थिति श्री कात्यायनी देवी मंदिर मार्ग पर है जहां श्रद्धालुओं को सीवर के पानी से होकर गुजरना पड़ता है। जो भक्त नहा-धोकर शुद्ध होकर दर्शन को आते हैं वे इस गंदगी से होकर अपवित्र मन से मंदिर पहुंचते हैं।
सफाई व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं हो रहा। जगह जगह कूड़े का ढेर लगा रहता है। नालियां ओवर फ्लो हो रही है लेकिन कोई देखने वाला नहीं है।
गणेश अग्रवाल, कारोबारी
सफाई का ठेका भले ही दूसरी कंपनी को दे दिया गया हो लेकिन सुधार के नाम पर कुछ देखने को नहीं मिल रहा। गलियों में गंदगी देखत खुद भी शर्म आने लगती है लेकिन अधिकारियों को तो वो भी नहीं आती।
द्वारकेश अग्रवाल, कारोबारी