छाता। क्षेत्र में रविवार की सुबह किसानों के लिए किसी बुरे सपने की तरह आई। तड़के 4 से 5 बजे के बीच फिर से बारिश हुई। इसके कारण गेहूं और सरसों की तैयार फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं।
किसानों का कहना है कि दौताना, नरी, सेमरी, बिलोठी, दाढ़ी गढ़ी, अलवाई, नगला ब्रिजा, रनवारी, खानपुर, लाडपुर, बाहरवाली, खायरा, भदावल, गोहारी, चंदौरी, उमराया, पिसावा समेत दर्जनों गांवों में फसलें शत-प्रतिशत बेकार हो गई हैं। दौताना के किसान प्रदीप कुमार सैनी ने बताया कि फसलें कटाई के लिए तैयार थीं, लेकिन अचानक बदले मौसम ने मेहनत को मलबे में तब्दील कर दिया।
नरी निवासी किसान वीरी सिंह भगत ने कहा कि हमारी उम्मीदें इस बेमौसम आपदा की भेंट चढ़ गईं। पीड़ित ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगाई है। उधर, गांव भदावल के किसानों ने बीमा कंपनियों की अनदेखी और राहत वितरण में धांधली का आरोप लगाते हुए रोष जताया है।