केआर इंटर कॉलेज से होमगार्ड भर्ती की परीक्षा देकर बाहर निकलते परीक्षार्थी।
मथुरा। जनपद में होमगार्ड भर्ती परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। अभ्यर्थियों को तीन चरणों की सघन तलाशी से गुजरना पड़ा। सोमवार दोपहर 12 बजे पहली पाली की परीक्षा खत्म होने के बाद परीक्षार्थी जब केंद्रों से बाहर निकले, तो उनके चेहरों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली।
जहां कुछ अभ्यर्थियों के लिए पेपर आसान लगा वहीं कई परीक्षार्थी सवालों के जाल में उलझे नजर आए। पहली पाली का पेपर देकर बाहर आए अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को लेकर अलग-अलग राय दी। अधिकांश अभ्यर्थियों का मानना था कि पेपर उम्मीद के मुताबिक कठिन था और उन्होंने समय रहते इसे पूरा करने में दिमाग दौड़ाना पड़ा। वहीं परीक्षार्थियों के एक वर्ग ने कुछ सवालों को काफी कठिन और घुमावदार बताया। खासकर इसमें वेदों के बारे में और भारत की भौगोलिक स्थिति के कुछ प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को खूब छकाया, जिन्हें हल करने में उन्हें मशक्कत करनी पड़ी। कठिन सवालों की वजह से कुछ छात्रों को समय प्रबंधन में भी चुनौती का सामना करना पड़ा। प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच तीसरे दिन की पहली पाली में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
तीसरे दिन प्रत्येक पाली में पंजीकृत परीक्षार्थियों की संख्या 7104 है।
प्रथम पाली (सुबह 10 से 12 बजे) में 5528 अभ्यर्थी शामिल हुए। 1576 अनुपस्थित रहे। पहली पाली में 77.81 फीसदी उपस्थित
द्वितीय पाली (दोपहर 3 से 5 बजे) में 5551 अभ्यर्थी शामिल हुए। 1553 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में 78.64 फीसदी उपस्थित
जनपद में तीन दिनों में कुल 33305 परीक्षार्थी उपस्थित रहे और 3129 ने परीक्षा छोड़ी।
प्रश्न पत्र बहुत कठिन था उसमें वेदों से और भारत की भौगोलिक स्थिति से जुड़े सवालों ने परेशान किया। -अरुण कुमार, आगरा
प्रश्न पत्र औसत पर सरल नहीं था। कुछ तर्कशक्ति के सवालों ने दिमाग घुमा दिया, जिसमें बहुत समय लगा। - राजप्रताप, आगरा