मथुरा। जीएसटी चोरी के रैकेट का भंडाफोड़ करने के बाद राज्य कर विभाग की टीम लेन-देन करने वाली फर्मों की जांच कर रही है। वहीं पुलिस रैकेट को चलाने वाले दिल्ली निवासी मास्टर माइंड अक्षत की तलाश में जुट गई है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में उसका नाम प्रकाश में आया है। कर चोरी के इस सुनियोजित खेल का रैकेट कई राज्याें में फैला हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने दिल्ली निवासी अक्षत के साथ मिलकर कई फर्जी फर्मों का निर्माण किया था। इन फर्मों का उपयोग मुख्य रूप से माल की खरीद-बिक्री के ऐसे सौदे दिखाने के लिए किया जाता था, जिनका वास्तव में कोई अस्तित्व नहीं था। इस तरीके से वे बिना किसी वास्तविक व्यापार के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठा रहे थे और सरकार को भारी राजस्व का चूना लगा रहे थे। प्रारंभिक जांच में इस रैकेट से 30.87 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी का खेल पकड़ गया है। फर्जी फर्मों के लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है। जांच के दायरे में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
मास्टरमाइंड की तलाश
पुलिस ने नागेश, करन, देव और प्रशांत को इस मामले में गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ के दौरान दिल्ली का रहने वाला अक्षत का नाम प्रकाश में आया है। अक्षत इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। पुलिस और राज्य कर विभाग की टीमें अक्षत की तलाश में जुट हैं।