सरकारी क्रय केंद्रों पर अव्यवस्थाओं से परेशान किसानों को खुले बाजार में बढ़ी गेहूं की कीमत से सहारा मिला है। गुरुवार को खुले बाजार में गेहूं सरकार की ओर से घोषित समर्थन मूल्य 1525 को पार कर 1531 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका। ऐसे में किसानों का रुख एक बार फिर मंडियों की ओर हो रहा है।
गौरतलब है कि इस बार सरकार ने गेहूं के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 1525 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। इस कीमत पर किसानों से गेहूं खरीदने के लिए जिले में 78 क्रय केंद्र खोले गए। ये खरीद कार्य एक अप्रैल से शुरू होना था, लेकिन 10 अप्रैल तक केंद्र शुरू ही नहीं हो सके।
ऐसे में किसानों को मजबूरी में अब तक अपना गेहूं खुले बाजार में सस्ते में बेचना पड़ा। गुुरुवार को खुले बाजार में गेहूं की कीमत 1531 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई। इससे किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई।
मंडी में गेहूं बेचने आए राजवीर सिंह ने बताया कि सरकारी क्रय केंद्रों पर तुलाई से लेकर भुगतान तक झंझट ही झंझट हैं। अब खुले बाजार में भाव अधिक मिल रहा है और भुगतान भी नकद।
..तो सस्ते में ही बेचनी पड़ती मेहनत की कमाई
कृषि विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार जिले में किसानों ने 1.95 लाख हेक्टेयर भूमि में गेहूं की बुवाई की है। जिले में अनुमानित गेहूं की कुल पैदावार का आंकड़ा 6.82 लाख मीट्रिक टन है। जबकि सरकार ने खरीद के लिए कुल 65000 मीट्रिक टन का ही लक्ष्य तय किया है। ऐसे में यदि खुले बाजार में कीमतें न बढ़ती तो किसान को मजबूरन अपनी फसल सस्ते में ही बाजार में बेचनी पड़ती।