एक अच्छे संस्थान की सफलता को जहां एक ओर छात्र-छात्राओं के अच्छे प्रदर्शन से मापा जाता है, तो वहीं दूसरी ओर संस्थान के शिक्षकों की गुणवत्ता भी संस्थान की प्रतिष्ठा स्थापित करने में एक अहम भूमिका निभाती है। जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा ने इसका महत्व समझते हुए सदैव ही सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों के चयन को प्राथमिकता दी है। जिसका प्रभाव समय-समय पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों की विशिष्ट उपलब्धि के रूप में देखने को मिलती रहती है। शिक्षकों की इसी उपलब्धि में एक और उपलब्धि शामिल हो गई है।
जीएलए विश्वविद्यालय के प्रबंधन (स्नातक) विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सोमेश धमीजा का चयन सेंट्रल यूरोपियन यूनिवर्सिटी द्वारा बुडापेस्ट हंगरी में यूरोपियन एनवार्नमेंटल एजेंसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रोग्राम ‘द प्रकॉशनरी प्रिंसिपल: गवर्नेंस ऑफ इनोवेशन एण्ड इनोवेशंस इन गवर्नेंस‘ हेतु हुआ है एवं उन्हें इस हेतु सेंट्रल यूरोपियन समर यूनिवर्सिटी द्वारा प्रतिष्ठित ‘सन‘ स्कॉलरशिप भी प्रदान की गयी है। ‘द प्रकॉशनरी प्रिंसिपल: गवर्नेंस ऑफ इनोवेशन एण्ड इनोवेशंस इन गवर्नेंस‘ प्रोग्राम के बारे में जानकारी देते हुए प्रो. सोमेश धमीजा ने बताया कि इस स्कॉलरशिप प्रोग्राम के चयन की प्रक्रिया अत्यंत कठिन थी, जिसमें आवेदन पत्र आमंत्रित करने के पश्चात प्रतिभागियों के अनुभव एवं योग्यता के आधार पर यूरोपियन यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों द्वारा अंतिम चयन कर स्कॉलरशिप प्रदान की जाती है।
उन्होंने बताया कि इस प्रोग्राम का आयोजन यूरोप के बुडापेस्ट हंगरी में सेंट्रल यूरोपियन समर यूनिवर्सिटी परिसर में जून के अंतिम सप्ताह में होगा। इसमें भारत से प्रोफेसर धमीजा के साथ-साथ अमेरिका, इटली, स्वीडन, रूस, बुल्गारिया, फिलीपींस, जर्मनी, पाकिस्तान, कोस्टारिका, ग्रीस, मेक्सिको, तंजानिआ, अल्बानिया, बेलारूस इत्यादि देशों से भी अनुभव एवं योग्यता के आधार पर प्रतिभागियों का चयन किया गया है। इस प्रोग्राम के माध्यम से जहां प्रो. धमीजा को एक ओर गवर्नेंस एवं इनोवेशन जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा वहीं दूसरी ओर अन्य देषों से आये प्रतिभागियों के साथ मिलकर गवर्नेंस एवं इनोवेशन के क्षेत्र में एक संयुक्त विचारधारा कायम करने की राह भी आसान होगी।
इस प्रोग्राम के निदेशक मंडल में बेल्जियम की सिबिल्ले वान देन होव, बुडापेस्ट के रूबेन मनतसकानियन एवं अंतोन शकरबा डेनमार्क के डेविड स्टेनर्स आदि अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ हैं। जिनके साथ-साथ आयरलैंड, फ्रांस, डेनमार्क, लंदन, बेल्जियम तथा कोपेनहेगन के विभिन्न विशय विशेषज्ञ भी अपना-अपना योगदान देंगे। जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के प्रो. सोमेश धमीजा को मिली इस उपलब्धि पर सेक्रेटरी सोसायटी एवं कोषाध्यक्ष नीरज अग्रवाल ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय अब संतुलित गति से अंतर्राष्ट्रीय पटल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ सामंजस्य स्थापित कर आगे बढे़गा। इससे विश्वविद्यालय के शिक्षकों को बेहतर शिक्षा देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर का अनुभव प्राप्त होगा।