मथुरा। आरसीए महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को अमर उजाला की तरफ से आयोजित पुलिस की पाठशाला में छात्राओं को महिला सुरक्षा कानूनों की जानकारी देने के साथ ही उन्हें निडर बनने का संदेश दिया गया। एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह ने कहा कि छात्राएं निडर और निर्भिक बनें, पुलिस को निसंकोच शिकायत करें। पुलिस उनकी हर वक्त सुरक्षा के लिए तैयार है। किसी भी विषम परिस्थिति में छात्राएं डटकर सामना करें और जरूरत पड़ने पर पुलिस की ऑनलाइन हेल्पलाइन पर कॉल करें, पुलिस पलक झपकते ही आपके पास पहुंच जाएगी।
एसपी सिटी ने छात्राओं को महिला सुरक्षा और नारी सशक्तिकरण के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा के प्रति कृत संकल्प है। इसके लिए कई हेल्पलाइन चलाई जा रही हैं। इन पर किसी भी वक्त फोन किया जा सकता है। साथ ही स्कूल-कॉलेजों के आसपास एंटी रोमियो स्कवॉड को तैनात किया गया है। एंटी रोमियो स्कवॉड मंदिर, मेले और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए सादा वर्दी में भी तैनात रहते हैं। महिलाओं की बात सुनने के लिए प्रदेश के प्रत्येक थाने मेें महिला हेल्प डेस्क का गठन किया गया है। यहां महिलाएं, छात्राएं अपनी बात को निसंकोच कह सकती हैं। महिलाओं की पीड़ा को सुनने के लिए विशेष रूप से महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। ताकि किसी को अपनी बात कहने में झिझक महसूस न हो। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वह अपने मोहल्ले और कॉलोनी में महिलाओं को जागरूक करें,ताकि वह भी अपराध और अपराधियों के प्रति सचेत रहकर अपनी सुरक्षा के साथ ही बेटियों को संबंल प्रदान करें।
अनजान व्यक्ति की कॉल न उठाएं
एसपी सिटी ने छात्राओं को साइबर अपराध के प्रति भी जागरूक किया और कहा कि वे किसी भी अनजान कॉल को न उठाएं। यदि फोन उठा भी लेते हैं तो कॉल करने वाले की बातों में न आएं। प्राचार्य डॉ. प्रीति जौहरी ने कहा कि अमर उजाला देश-दुनिया के समाचारों से तो अवगत कराता है, सामाजिक सरोकारों में भी अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने छात्राओं से पुलिस की पाठशाला में बताए गए पाठ को कंठस्थ कर अपने और परिवार की सुरक्षा के साथ ही नारी सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। संचालन डॉ. सुषमा अग्रवाल ने किया।
हेल्प लाइन नंबर
एसपी सिटी ने बताया कि महिला और छात्राओं की सुरक्षा के लिए पहले केवल 100 नंबर संचालित था, अब अन्य हेल्पलाइन भी संचालित हैं। इनमें 112, 100, 1090, 181, 1076 नंबरों के साथ ही एसएसपी, एसपी सिटी, सीओ और प्रभारी निरीक्षक आदि के सीयूजी नंबर पर कॉल कर सकती हैं। डॉयल 100 सहित बाइक पर गश्त करने वाले जवान हर वक्त फील्ड में रहते हैं। किसी भी स्थान पर तत्काल पहुंच जाते हैं। पुलिस के पहुंचने तक छात्रा को असामाजिक तत्व का डटकर मुकाबला करना चाहिए।