प्रशिक्षण देकर शिक्षक बनाने का झांसा देकर 24 से अधिक महिलाओं से लाखों रुपये की ठगी का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया।
खैर निवासी ममता चौधरी, भावना सैनी, हीना खान, आजाद, नूतन सैनी, जूली आदि ने बताया कि खैर में राया के गांव चिमला निवासी सुरेश कौशिक ने सूर्यांश एजूकेशन वेलफेयर एवं रौनक जीवन ज्योति एजूकेशन संस्था के नाम से कार्यालय खोला था।
उसने बताया था कि उसकी संस्थाएं राया, नौहझील, इग्लास, गौंडा, मांट, सुरीर, चौमुंहा और छाता में चल रही हैं। प्रत्येक महिला को 10 हजार रुपये देने होंगे और कुछ समय के प्रशिक्षण के बाद उनको घर पर बच्चों को पढ़ाना और महिलाओं को सिलाई कढ़ाई आदि सिखाना है। इसके बदले में उनको 10 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा।
उसने सेंटर खोलने के नाम पर महिलाओं से 10-10 हजार रुपये ले लिए। सात माह तक उन्हें एक पैसा भी वेतन नहीं दिया गया। महिलाओं के सब्र का बांध टूट गया।
उन्होंने वेतन की मांग की तो सुरेश कौशिक ने कहा कि रौनक एनजीओ द्वारा शिक्षक बनाने के लिए परीक्षा ली जाएगी। रविवार को राया में परीक्षा होगी। जब महिलाएं यहां आई तो वहां कुछ नहीं मिला, तब उन्हें ठगी होने की हकीकत का पता चला। महिलाओं ने इसकी शिकायत राया थाना प्रभारी से की।
पुलिस ने आरोपी सुरेश कौशिक को पकड़ लिया। राया से सुनील वार्ष्णेय, रैनू वार्ष्णेय, कन्हैया सहित कई लोगों को झांसे में फंसा लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायत पर आरोपी को हिरासत में ले लिया है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
चौमुंहा के दर्जनों लोग भी ठगी का शिकार
सूर्यांश एजूकेशन वेलफेयर सोसाइटी के नाम से संस्था बना कर चौमुंहा की भी दर्जनों महिलाओं को शिकार बनाया गया है। इनसे भी लाखों रुपये की ठगी की जा चुकी है।
पीड़ितों ने बताया कि वे कई माह से सेंटर चला कर बच्चों को पढ़ा रही हैं, लेकिन अभी तक किसी को एक भी धेला नहीं मिला है। जब उन्होंने वेतन देने के लिए कहा तो अब वह रौनक एजूकेशन के नाम से नई संस्था ले आया है, जिसमें उसने 290-290 रुपये के ड्राफ्ट परीक्षा के लिए ले लिए हैं।
अभी तक न वेतन मिला है और न ही कोई परीक्षा कराई है। पीड़ितों ने एसएसपी से ठगी करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।