संवाद न्यूज एजेंसी वृंदावन। प्राचीन सप्तदेवालयों में से एक ठाकुर श्रीराधारमण मंदिर में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उनकी बेटी ने दुबई से आई दूरबीन से आराध्य के दर्शन किए। मंदिर के गर्भगृह में विराजमान 12 अंगुल (द्वादश अंगुल) के श्रीराधारमणलाल को लगभग 20 फीट दूरी से चौक से निहारने के लिए मंदिर कमेटी के अध्यक्ष ने कोविंद को दूरबीन उपलब्ध कराई। इससे न सिर्फ उन्होंने लाड़ले ठाकुर के दर्शन किए बल्कि उनका शृंगार भी निहारा।
श्रीराधारमण लाल विक्रम संवत 1599 (लगभग 500 वर्ष पूर्व) आचार्य श्रीगोपाल भट्ट गोस्वामी की सेवा में शालिग्राम शिला से प्रकट हुए थे। यह दिव्य विग्रह केवल 12 अंगुल का है। गर्भगृह में विराजमान ठाकुरजी के दर्शन चौक से किए जाते हैं। छोटे से ठाकुरजी के दर्शन और उनकी शृंगार सेवा को निहारने के लिए सामान्य तौर पर लोगों को आंखों पर जोर देना पड़ता है।
रविवार को पत्नी सविता कोविंद एवं पुत्री स्वाति कोविंद के साथ मंदिर पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आराध्य के दर्शन किए। मंदिर के मंत्री आशीष किशोर गोस्वामी ने उन्हें दुबई से लाई गई दूरबीन उपलब्ध कराई। पूर्व राष्ट्रपति और उनकी बेटी ने दूरबीन से श्रीराधारमण महाराज के दर्शन किए। मंदिर कमेटी के मंत्री आशीष किशोर गोस्वामी ने बताया कि यह दूरबीन दुबई निवासी भक्त द्वारा चार वर्ष पहले मंदिर को दी गई थी। इसी दूरबीन से सांसद हेमामालिनी भी ठाकुरजी के दर्शन कर चुकी हैं।