वृंदावन। जिम्मेदारों की निगाहें जब बेपरवाह हो जाती हैं तो व्यवस्था कैसी चौपट होती है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण रुक्मिणी विहार में बने समाजवादी आवासीय भवन हैं। मथुरा विकास प्राधिकरण द्वारा तैयार किए गए चार मंजिला भवनों की आवासीय श्रृंखला से जब विभाग ने मुंह फेरा तो लाखों रुपये के लागत से लगा फायर सेफ्टी सिस्टम खुद बदहाली के आंसू बहाने को मजबूर हो गया।
मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा एक दशक पूर्व विकसित की गई रुक्मिणी विहार आवासीय परियोजना में सपा शासन काल में समाजवादी आवासीय भवनों का निर्माण किया गया। रुक्मिणी विहार गोल चक्कर के समीप चार मंजिला इन भवनों में वर्तमान में सौ से अधिक परिवार रह रहे हैं। आवासीय भवन के निर्माण के साथ आग से सुरक्षा के इंतजाम के लिए लाखों की लागत से फायर सेफ्टी सिस्टम लगाया गया। लेकिन सिस्टम को लगाने के बाद एमवीडीए द्वारा उसका रखरखाव नहीं किया गया। नतीजतन लाखों का फायर सेफ्टी सिस्टम कबाड़ हो गया। आवासीय परियोजना के सभी ब्लॉकों में लगे फायर सेफ्टी सिस्टम के हौज पाइप रखने के सभी बॉक्स खाली हैं।
उनमें से हौज पाइप गायब हैं। वहां रह रहे लोगों ने हौज पाइप रखने के लिए लोहे के बॉक्सों को जूता चप्पल रखने की बॉक्स बना ली है। सिस्टम के पाइप पानी की लाइन से जुड़े नहीं हैं। चार मंजिल के ऊपर बने पानी स्टोर के लिए टैंक में छेद हो गया है। इसमें पानी जमा रखना भी संभव नहीं है। इतना बेसमेंट में बिछी लाइन के पाइप भी जगह-जगह गिरे पड़े हैं। फायर सेफ्टी सिस्टम के चालू न होने पर चार मंजिला भवनोंं में आग लगने की स्थिति में बचाव के कोई उपाय नहीं है।