मथुरा। लक्ष्मीनगर के नगला कोल्हू में मंगलवार तड़के करीब 3 बजे नवनिर्मित एसटीपी प्लांट में भीषण अग्निकांड हुआ। आग की लपटें इतनी तेज हो गईं कि प्लांट की 30 टंकियां जलकर राख हो गईं। सूचना पर पहुंचीं दमकल की छह गाड़ियों ने 3 घंटे में आग पर काबू पाया। फिलहाल आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।
प्लांट के पदाधिकारी विजय ने बताया कि मई 2025 से इस प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। 15 एमएलडी क्षमता वाला यह प्लांट सीवेज के पानी को शोधित करता है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पिछले माह से इसका ट्रायल शुरू किया गया है। मंगलवार को भी प्लांट में ट्रायल चल रहा था, इसी दौरान तड़के करीब 3 बजे प्लांट के एक हिस्से में धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और प्लास्टिक की टंकियों को अपनी चपेट में ले लिया।
इस हिस्से में पानी की छोटी-बड़ी करीब 65 पानी की टंकियां स्थापित हैं, इनमें 30 आग की चपेट में आ गईं। इसकी लपटें दूर-दूर तक दिखाई दीं। सूचना मिलते ही एक के बाद एक छह दमकल की गाड़ियां पहुंचीं। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सीएफओ अरुण कुमार ने बताया शॉर्ट सर्किट से आग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मामले की जांच के बाद ही सही कारण स्पष्ट हो सकेगा।
दूसरी ओर, यमुना प्रदूषण नियंत्रण इकाई के परियोजना प्रबंधक ने बताया कि पांच एमएलडी क्षमता के प्लांट के बायोरिएक्टर में संभवत: शार्ट सर्किट से हादसा हुआ। इससे तीन सीरीज के एचडीपीई टैंक्स, यूपीवीसी कनेक्टिविटी पूर्णत: क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी
प्लांट में आग लगने के बाद आसपास के इलाके में रहने वाले लोग भी भयभीत हो गए। काफी संख्या में लोग बाहर आ गए, लेकिन प्लांट के पास कोई आबादी नहीं है। ऐसे में किसी तरह की जनहानि का खतरा नहीं था। पुलिस ने बताया कि फायर कर्मियों ने कुछ ही घंटों में आग पर काबू पा लिया।