जनसूचना अधिनियम के तहत जानकारी न देना जिले में विभिन्न पदों पर तैनात रहे चार अफसरों को भारी पड़ गया है। राज्य सूचना आयुक्त ने संबंधित अफसरों पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इन अधिकारियों में मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के सचिव रहे मानवेंद्र सिंह भी शामिल हैं। जुर्माने की वसूली इन अधिकारियों के वेतन से डीएम को करनी है।
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण से निवेंद्र कुमार ने विभिन्न बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी थीं। आयोग के निर्देश के बावजूद उन्हें ये सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। इस पर राज्य सूचना आयोग ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए मानवेंद्र सिंह पर 25 हजार रुपये का जुर्माना निर्धारित करते हुए वसूली का आदेश दिया।
इसी तरह मारवाड़, राजस्थान निवासी बीना शर्मा की याचिका पर आयोग ने जनसूचनाएं उपलब्ध न कराए जाने पर मथुरा पालिका के ईओ रहे केपी सिंह पर लगे 25 हजार के अर्थदंड की वसूली के निर्देश दिए हैं। सेवानिवृत्त होने के कारण इसकी वसूली उनकी पेंशन से होगी।
इसके अलावा विजय सिंह आजाद की याचिका पर चौमुंहा खंड विकास अधिकारी रहीं प्रियंका निरंजन और चंद्रभान की शिकायत पर औरंगाबाद ग्राम पंचायत अधिकारी चिरोंजी लाल के वेतन से भी 25-25 हजार वसूलने के निर्देश दिए हैं। ये राशि तीन माह में डीएम को वसूलनी है। इस राशि को आयोग के कोष में जमा कराते हुए इसकी सूचना भी देनी है।