मथुरा। एडीजे सप्तम विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस विद्या भूषण पांडेय की अदालत ने मंगलवार को मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले को 10 साल की सजा सुनाई। इसके अलावा एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जीआरपी थाने में तैनात तत्कालीन उप निरीक्षक ओमपाल सिंह ने आरपीएफ के सहयोग से 19 सितंबर 2023 को मुख्य एंट्री के बुकिंग हॉल से एक संदिग्ध युवक को पकड़ा था। तलाशी में उसके कब्जे से नशीला पाउडर, यात्री से चोरी किया मोबाइल फोन बरामद हुआ था। अभियुक्त ने अपना नाम अफरोज उर्फ एलियश आरिफ निवासी मंझावली थाना कासना नोएडा बताया था।
जीआरपी ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। मुकदमे की सुनवाई एडीजे सप्तम विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस विद्या भूषण पांडेय की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने तमाम साक्ष्यों के आधार पर अफरोज को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर उसे 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने दो अभियुक्तों को सुनाई सजा
गोविंद नगर थाना पुलिस द्वारा चोरी की योजना बनाने के आरोप में 20 नवंबर 2021 को रहीस उर्फ सलमान निवासी काशीराम आवासीय कॉलोनी वृंदावन को गिरफ्तार किया था। मुकदमे की सुनवाई एडीजे-6 की अदालत में हुई। रहीस ने अदालत के समक्ष अपना अपराध स्वीकार कर लिया। अदालत ने उसे 2 वर्ष के कारावास और 2500 रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है। वहीं थाना बलदेव पुलिस ने मारपीट व अवैध असलाह रखने के आरोप में 6 जुलाई 2006 को राजवीर सिंह निवासी नगला गिरधर उर्फ महारथ थाना बलदेव को गिरफ्तार किया था। मुकदमे की सुनवाई एसीजेएम की अदालत में हुई। अदालत ने राजवीर को अदालत उठने तक अदालत में खड़े रहने और दो हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया है।