मथुरा। ठाकुर बांकेबिहारी से अगाध प्रेम करने वाले तो करोड़ों श्रद्धालु मिल जाएंगे लेकिन एक दंपती एक गुड़िया से भी उतना ही स्नेह करता है जितना कि ठाकुजी जी। पिछले दिनों एक दंपती मंदिर में दर्शन के बाद जब बाहर निकल रहा था तो गुड़िया कहीं गिर गई। अब ठाकुरजी अकेले रह रहे हैं। गुड़िया को तलाश करने का प्रयास किया लेकिन अभी तक नहीं मिल सकी है। गुड़िया खोने के गम में पति-पत्नी रो रहे हैं।
कानपुर के जरोरी फेस-२ बर्रा शांति इन्कलेव कैंपस निवासी प्रवीण मिश्रा पत्नी गीता मिश्रा के साथ ३० नवंबर को मथुरा में आए थे। उन्होंने यहां जन्म भूमि, प्रेम मंदिर व ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन किए। बांकेबिहारी मंदिर में उस दिन खूब भीड़ थी। अपने साथ लड्डू गोपाल व गुड़िया भी लाए थे। इसी बीच गुड़िया कहीं गिर गई। काफी तलाशा लेकिन नहीं मिली। वहां मौजूद पुलिस को भी बताया लेकिन पता नहीं चल सका। दंपती ने रो-रो करके वहां मौजूद लोगों से कहा कि मेरी गुड़िया किसी को मिली हो तो वापस कर दो। मेरे लड्डू गोपाल अकेले कैसे रहेंगे।
दस साल पहले खरीदे थे लड्डू गोपाल
प्रवीण ने बताया कि २०१२ में कानपुर से लड्डू गोपाल खरीदे थे। उसी समय से ही उनको कभी अकेला नहीं रहने दिया। २०१४ में नीलकंठ गए थे तो वहां से एक गुड़िया खरीदी थी। गुड़िया का नाम भी नीलकंठ रखा था। उस गुड़िया को लड्डू गोपाल के साथ ही रखा। हल्की सी सर्दी होने के कारण गुड़िया को ब्लू स्वेटर पहना रखा था। प्रवीन ने बताया कि उन्होंने इसके लिए डीएम मथुरा को भी चिट्टी भेजी है कि मेरी गुड़िया तलाश करवा दो। मालूम हो कि इससे पहले कई भक्तों के लड्डू गोपाल वृंदावन में खो चुके हैं, कई-कई दिन रहकर उन्होंने तलाश किया था।