मथुरा। यूरिया और डीएपी के लिए किसान दुकानों और समितियों के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर निजी दुकानदार बिना खतौनी और पॉश मशीन में अंगूठा लगाए, उर्वरक की कालाबाजारी कर रहे हैं।
जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार को गोवर्धन क्षेत्र में उर्वरक की दुकानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान तरुण दास फर्टिलाइजर्स पर यूरिया उतर रही थी, जिसका अंकन स्टॉक रजिस्टर पर नहीं किया गया। वहीं एक किसान दुकान से यूरिया की एक बोरी मोटरसाइकिल पर रखकर ले जा रहा था। पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसने यह खाद तरुण दास फर्टिलाइजर से ली है। इसके लिए विक्रेता द्वारा पॉश मशीन पर बिना आधार अंगूठा लगवाए, ऐसे ही खाद की बोरी दे दी गई। जांच करने पर पाया गया कि विक्रेता द्वारा न तो स्टॉक रजिस्टर पर अंकन किया गया और ना ही बिक्री रजिस्टर अद्यतन किया गया।
उपरोक्त अनियमितताओं के कारण लाइसेंस निरस्त करने संबंधी नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा श्रीकांत खाद भंडार का थोक एवं खुदरा बिक्री केंद्र का स्टॉक देखा गया। खुदरा बिक्री केंद्र पर पाया गया कि पूर्व में नोटिस देने के बावजूद विक्रेता द्वारा बिक्री रजिस्टर में किसानों का मोबाइल नंबर दर्ज नहीं किया जा रहा था। जिसके कारण किसानों का सत्यापन किया जाना संभव नहीं हो पा रहा था। इस पर श्रीकांत खाद भंडार गोवर्धन का लाइसेंस निलंबित करते हुए आपूर्ति प्रतिबंधित की गई। गोवर्धन में साधन सहकारी समिति तथा क्रय विक्रय समिति का भी निरीक्षण किया गया।