नौहझील। बिजली कटौती और जर्जर लाइन से परेशान किसानों ने सोमवार को पचहरा बिजली घर घेर लिया और जमकर हंगामा किया। कर्मचारियों ने विरोध किया तो किसान भड़क गए और कर्मचारियों को दफ्तर से बाहर कर ताला जड़ दिया। इसके बाद किसान धरने पर बैठ गए। बिजली विभाग के एसडीओ की ओर से एक सप्ताह में जर्जर लाइन ठीक करने और बिजली कटौती में सुधार के साथ ही संबंधित जेई का ट्रांसफर करने के आश्वासन के बाद किसान शांत हुए।
भारतीय किसान यूनियन(अंबाबता) के जिला महासचिव अंशू नौहबार और जिला मीडिया प्रभारी शिवकुमार तोमर के नेतृत्व में किसान सोमवार सुबह करीब ग्यारह बजे पचहरा बिजली घर पहुंच गए। किसानों ने कहा कि सूबे की सरकार गांवों को साढ़े 18 घंटे बिजली देने के दावे कर रही है। लेकिन गांवों को 10 घंटे भी बिजली नहीं दी जा रही है। बार बार कटौती होती है।
इसके अलावा क्षेत्र में जर्जर लाइन हैं। इससे आये दिन हादसे होते रहे हैं। यंहा पर तैनात जेई किसानों की समस्याओं का निराकरण करने के एवज में सुविधा शुल्क की मांग करता है। आनाकानी करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है। अभद्र व्यवहार किया जाता है। किसानों ने दफ्तर में घुसने की कोशिश की तो कर्मचारियों ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। इस पर किसान भड़क गए और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद कर्मचारियों को गेट से बाहर कर बिजली घर पर ताला जड़ दिया। करीब तीन घंटे तक किसान बिजली घर पर धरना देते रहे। खबर मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई।
बिजली विभाग के एसडीओ अक्षय राणा ने आश्वासन दिया है, कि एक सप्ताह में जर्जर लाइन बदल दी जाएगी। कटौती में भी सुधार किया जाएगा। इसके बाद किसान शांत हुए। प्रदर्शन करने वालों में जिला महासचिव अंशू नौहवार, जिला मीडिया प्रभारी शिवकुमार तोमर, जिला प्रवक्ता अनिल शर्मा, शिवकुमार नौहवार, मोनू सांडा, विष्णु, बिट्टू, बॉबी शर्मा, हरेंद्र नौहवार, अमित, शिवम कुमार, योगेश, मनीष, सुजान सिंह, विक्रम सिंह, केलो दादा, वीरप्रताप, धर्मपाल, सत्तो, रिंकू भारद्वाज, विष्णु चौधरी, मनीष ठाकुर, भोला फ़ौजदार आदि थे।