मुआवजे के लिए 15 अगस्त तक इंतजार के बाद आत्मदाह की अनुमति मांगे जाने संबंधी गोकुल बैराज प्रभावित किसानों के फैसले ने जिला प्रशासन की नींद उड़ा दी है। जिले के अफसर इस मामले में कुछ कहने से बचते रहे लेकिन सरकारी गाड़ियां सोमवार को बैराज प्रभावित गांवों में दौड़ती नजर आईं।
सोमवार को डीएम राजेश कुमार ने एसडीएम छाता रामअरज यादव को सदर तहसील टीम के साथ दामोदरपुरा भेजा। यहां धरनास्थल पर किसानों से एसडीएम ने मुआवजे के संदर्भ में बात की और अब तक की प्रक्रिया बताते हुए जल्द धनराशि आने की संभावना जताई।
एसडीएम ने कहा कि दो-तीन माह और इंतजार कर लीजिए। इस अवधि में पूरा मुआवजा वितरित कर दिया जाएगा। अभी 92 करोड़ रुपये मौजूद हैं। संबंधित किसान उक्त राशि के चेक प्राप्त करें। अधिकारियों के मान-मनौव्वल के बाद भी किसान बगैर मुआवजे के धरना खत्म करने पर सहमत नहीं हुए।
किसानों ने दूसरे दिन भी पदयात्रा की और दर्जनों किसान और उनके परिवारीजनों को साथ ले लिया। धरने पर प्रभु, राकेश सिंह, सोहन लाल, नरेना बाबा, मानसिंह, घनश्याम, मोती लाल, सुरेंद्र निषाद सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।