मथुरा। रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह का मथुरा से खास नाता रहा। उनकी माताजी गायत्री देवी गोकुल विधानसभा क्षेत्र की विधायक रहीं तो बेटा मांट विधानसभा क्षेत्र के विधायक और मथुरा लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे। बहन ज्ञानवती भी मथुरा से चुनाव लड़ चुकी हैं। मथुरा में बार-बार आना लगा रहा।
बृहस्पतिवार सुबह ही मथुरा के लोगों को रालोद मुखिया के निधन की खबर लग गई तो शोक की लहर दौड़ गई। हालांकि मथुरा के उनके करीबी अधिकतर लोग रहे। पूर्वमंत्री ठाकुर तेजपाल सिंह के भी करीबी रहे। साल 1984 में लोकसभा का चुनाव लड़ते वक्त गायत्री देवी ने ही पूर्वमंत्री तेजपाल सिंह की अपने बेटे चौधरी अजित सिंह से मुलाकात कराई थी। जिले के लोगों ने रालोद मुखिया के निधन पर श्रद्घांजलि देते हुए पूर्व सांसद और रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी से बात करके शोक जताया।
रालोद कैंप कार्यालय पर राधापुरम् एस्टेट रालोद मुखिया और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजीत सिंह के निधन पर शोक जताते हुए उनकी तस्वीर के समक्ष फूल अर्पित करते हुए श्रद्घांजलि दी गई है। पूर्वमंत्री श्यामसुंदर शर्मा और प्रदेश उपाध्यक्ष कुंवर नरेंद्र सिंह ने कहा कि चौधरी साहब के निधन की घटना बहुत ही दुखद है। शोक व्यक्त करने वालों में महेंद्र चौधरी, भगत सिंह जादौन, सुरेश भगत, हरवीर चौधरी, जबर प्रधान, अरविंद शर्मा, कुंपी प्रधान, सुदेश प्रधान, तेजराम, विष्णु चौधरी शामिल रहे। रालोद जिलाध्यक्ष रामरसपाल सिंह पौनियां, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनूप सिंह, रालोद नेता नरेंद्र सिंह एडवोकेट, महानगर संयोजक ताराचंद गोस्वामी, रालोद के शहर अध्यक्ष गौरव चतुर्वेदी ने शोक जताते हुए श्रद्घांजलि अर्पित की। वरिष्ठ कांग्रेस नेता यामिनी रमन आचार्य ने कहा कि चौधरी अजीत सिंह किसान हितों के पोषक, मानवीय मूल्यों के प्रति संवेदनशील और समर्पित नेता थे। रालोद के जिला महासचिव रालोद जयवीर सिंह सौंनई व सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता व एमएलसी संजय लाठर ने भी शोक व्यक्त किया है।