जनपद बांदा की नगर पंचायत नरैनी और बिसण्डा में अधिशासी अधिकारी रहते अधिक वेतन भत्ता लेने के मामले में गोवर्धन नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ) टीएन चौबे को दोषी पाया गया है। निदेशक स्थानीय निकाय ने उनसे करीब 12 लाख रुपये की वसूली करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी से एक माह में रिपोर्ट भी मांगी है।
टीएन चौबे वर्ष 2008 से 2012 तक जनपद बांदा की नगर पंचायत नरैनी और बिसण्डा में तैनात रहे थे। अधिक वेतन-भत्ता लेने के मामले की जांच में उन्हें दोषी पाया गया। बिसण्डा नगर पंचायत में कार्यकाल के दौरान उन्होंने 1,50,138 रुपये और नरैनी नगर पंचायत में तैनाती के दौरान 10,46,856 रुपये अतिरिक्त वेतन भत्तों के रूप में प्राप्त किए।
विभागीय जांच के बाद निदेशक स्थानीय निकाय राजेश कुमार ने मथुरा डीएम को पत्र भेजते हुए उक्त धनराशि की वसूली करने को कहा है। यह राशि उपरोक्त नगर पंचायत के खाते में भेजी जाएगी।
सबसे ज्यादा नगर पंचायतों के ईओ
टीएन चौबे मथुरा जनपद में सबसे अधिक नगर पंचायतों वाले ईओ हैं। वर्तमान में वह वृंदावन नगर पालिका सहित गोवर्धन, सौंख और राधाकुंड नगर पंचायत का दायित्व भी संभाले हुए हैं।
बिना डीएम से मिले ले लिया था चार्ज
जिले में स्थानांतरित होकर आए ईओ टीएन चौबे ने शासन से स्थानांतरण की प्रति लाते हुए सीधे गोवर्धन नगर पंचायत का चार्ज ले लिया था। डीएम से भी मिलने की जरूरत महसूस नहीं की थी। इस पर बैठक के दौरान मुलाकात में तत्कालीन डीएम राजेश कुमार ने उनसे नाराजगी जताई थी।