बाजार से आयुर्वेदिक समझ कर खरीदे गए प्रोडक्ट में भी एलोपैथिक कंपोनेंट हो सकता है। हाल ही में एक क्रीम की जांच में ये बात सामने आई है। पड़ताल को गए औषधि निरीक्षक को क्रीम बनाने वाली फैक्ट्री बंद मिली। मालिक का इंतकाल हो चुका है। मामले में डीजीसी सिविल से राय मांगी गई है।
जिला औषधि निरीक्षक दीपक कुमार ने बताया 10 जून 2015 को उन्होंने कोसी से आयुर्वेदिक फेस क्रीम मेलास का नमूना लिया था। इसे जांच के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट में एलोपैथिक कंपोनेंट हाइड्रोक्यूनेंट पाया गया। ये क्रीम रुड़की में ईसीआई फार्मास्युटिकल ने बनाई थी। मौके पर ये फैक्ट्री बंद पाई गई है। बताया गया कि फैक्ट्री के मालिक मेहताब आलम का इंतकाल हो चुका है। इस पर कार्रवाई के लिए डीजीसी सिविल से राय मांगी गई है। पूरी रिपोर्ट मुख्यालय भी भेज दी है।