एक्सीडेंटल जोन बन रहे यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे रोकने के लिए न तो एक्सप्रेसवे प्राधिकरण ने कोई कदम उठाया है और न ही चार जिलों की पुलिस मिलकर इसका कोई समाधान निकाल पाई है। ओवर स्पीड के नाम पर मात्र जुर्माना करने के अलावा पुलिस की ओर से और कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। बीते सप्ताह ही कार का टायर फटने से तीन हादसे हो चुक हैं। दो माह पूर्व क्वालिस कार का टायर फटने से सात एनआरआई की मौत हुई थी।
आगरा से नोएडा तक 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे पर सबसे ज्यादा हादसे मथुरा जिले की सीमा में होते हैं। इसका बड़ा कारण जिले में सबसे अधिक 74 किलोमीटर लंबा और आगरा और नोएडा की ओर से मध्य में होना है। दोनों ओर से 50 किलोमीटर चलने में गाड़ियों के टायर गर्म होक र यहां फट रहे हैं।
गाड़ियों के टायर फटने से रोकने के लिए न तो यमुना एक्सप्रेसवे कोई प्रभावी कदम उठा सका है और न मथुरा, आगरा, अलीगढ़ और नोएडा पुलिस मिलकर स्पीड लिमिट को सुनिश्चित करा पा रही है।
हादसे रोकने के लिए कई बार पुलिस ने एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के अधिकारियों संग बैठक कर रणनीति बनाई, लेकिन उसका कोई परिणाम सामने नहीं आया। पुलिस की कार्रवाई केवल जाबरा टोल प्लाजा पर ओवर स्पीड वाहन चालकों पर जुर्माना वसूलने तक ही सीमित रही।