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Mathura: श्रद्धालुओं को बांट दी एक्सपायरी दवाएं, अब जांच के नाम पर लीपापोती के आरोप; खड़े हो रहे हैं ये सवाल

Sat, 27 Jun 2026 12:17 PM IST
Dhirendra Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान तारसी गांव के स्वास्थ्य शिविर में श्रद्धालुओं को एक्सपायरी दवाएं बांटने का मामला सामने आया है। जांच कमेटी के गठन के कई दिन बाद भी सदस्यों को न लिखित आदेश मिले हैं और न ही साक्ष्य, जिससे जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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जला दी दवाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान राल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े गांव तारसी में लगाए स्वास्थ्य शिविर में परिक्रमार्थियों को एक्सपायरी डेट की दवाएं बांट दी गईं थीं। स्वास्थ्य विभाग तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर मामले की लीपापोती में जुट गया है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शिकायत और जांच कमेटी की घोषणा के कई दिन बाद भी कमेटी के सदस्यों को जांच के लिए न तो लिखित आदेश जारी किए गए हैं और न ही साक्ष्य उपलब्ध कराए गए हैं। ऐसे में जांच प्रक्रिया और विभागीय अधिकारियों की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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जांच कमेटी के अध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि अभी तक उन्हें जांच के संबंध में न तो कोई लिखित आदेश मिला है और न ही औपचारिक तौर पर कोई साक्ष्य उन्हें उपलब्ध कराया गया है। हालांकि मौखिक आदेशानुसार वह मंगलवार से जांच शुरू कर सकते हैं। फिलहाल उनके पास केवल अमर उजाला अखबार में प्रकाशित खबरें हैं। बताया कि जांच में वह सीएचसी प्रभारी, फार्मासिस्ट और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के बयान दर्ज करेंगे। कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की शिकायत पर ही सीएचसी प्रभारी ने सीएमओ से प्रकरण की लिखित शिकायत की थी। इसलिए तीनों के बयान दर्ज होना आवश्यक है। इधर सीएमओ डॉ. राधावल्लभ ने बताया कि जांच टीम को लिखित में आदेश जल्द ही दे दिया जाएगा।

कमेटी यह करेगी जांच
जांच कमेटी यह पता लगाएगी कि एक्सपायरी दवा स्वास्थ्य शिविर तक आखिर कैसे पहुंचीं। जांच में यह भी देखा जाएगा कि दवा वेयरहाउस से ही एक्सपायरी भेजी गई थी या स्टोर में रखे-रखे एक्सपायर हो गई या रास्ते में उसमें किसी स्तर पर बदलाव किया गया है। संबंधित स्वास्थ्य केंद्र में दवाओं के रखरखाव, स्टॉक और वितरण की प्रक्रिया की भी विस्तार से जांच होगी।
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पोर्टल पर दर्ज होती है हर दवा
स्वास्थ्य विभाग की दवा आपूर्ति की व्यवस्था ऑनलाइन पोर्टल से संचालित होती है। वेयरहाउस से निकलने वाली दवा का बैच नंबर, एक्सपायरी तिथि और मात्रा पोर्टल पर दर्ज रहती है। संबंधित स्वास्थ्य केंद्र पर दवा प्राप्त होने के बाद उसकी ऑनलाइन एंट्री की जाती है। इसके बाद अधिकृत फार्मासिस्ट की आईडी के माध्यम से ही दवा वितरण की प्रक्रिया पूरी होती है। ऐसे में जांच टीम पोर्टल पर दर्ज रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, बैच नंबर और वितरण संबंधी अभिलेखों का मिलान करेगी।

यह है मामला
ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान गांव तारसी में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में श्रद्धालुओं को आंख और कान के एक्सपायरी ड्राॅप व अन्य दवा बांटी गईं। बाद में दवा और दस्तावेज जलाने का वीडियो भी वायरल हुआ। मामले में सीएमओ डॉ. राधावल्लभ ने एसीएमओ डॉ. आलोक कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
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