मथुरा। स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सीय उपकरणों की खरीद में गंभीर अनियमितता सामने आईं हैं। विभाग द्वारा चार निजी फर्म से करीब 22 लाख रुपये के उपकरण खरीदे गए। भुगतान होने के बावजूद करीब 8 लाख रुपये मूल्य के उपकरण अब तक विभाग को नहीं मिल सके हैं। मामले में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (एनयूएचएम) के नोडल अधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं जिलाधिकारी सीपी सिंह ने मामले की जांच मुख्य विकास अधिकारी पूजा गुप्ता को सौंपी है।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विभाग ने 2024-25 में यूपीएचसी के अनटाइड फंड से 22 लाख रुपये के चिकित्सीय उपकरण मै. गोविंद गिर्राज कॉन्ट्रैक्टर्स, एसएस कॉन्ट्रैक्टर्स एंड सप्लायर्स, देवांश एंटरप्राइजेज व गार्गी एंटरप्राइजेज से खरीदे थे। उपकरणों की आपूर्ति के एवज में 30 मार्च 2026 को भुगतान भी कर दिया गया। सूची के अनुसार 18 जून 2026 तक सभी उपकरण विभाग को प्राप्त नहीं हुए। बताया जा रहा है कि करीब 8 लाख रुपये के उपकरण अब भी लंबित हैं।
मामले में एनयूएचएम के नोडल अधिकारी डॉ. सत्य प्रकाश राठौर ने 18 जून को सीएमओ को पत्र भेजकर प्रकरण की जांच कराने और संबंधित फर्म के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। चर्चा है कि पत्र भेजे जाने के छह दिन बाद भी मामले में सीएमओ कार्यालय आगे की कार्रवाई के लिए औपचारिक प्रक्रिया का इंतजार कर रहा है। सीएमओ डॉ. राधा वल्लभ ने बताया कि अभी तक उन्हें कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।