मथुरा। रेलवे की जमीनों पर अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा। जो भी अतिक्रमण करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी रेलवे एनसीआर के जीएम प्रमोद कुमार ने दी। वह बुधवार को वार्षिक निरीक्षण के दौरान मथुरा जंक्शन पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
जीएम ने जंक्शन पर बनाए जा रहे अंडरपास के मार्च के अंत तक पूरा होने की उम्मीद जताई। बताया कि निरीक्षण का उद्देश्य है कि जो कमियां हैं, वह निकलकर आएं और उन्हें दूर किया जाएगा। मथुरा-वृंदावन रेल ट्रैक पर नई रेल बस के संचालन के प्रश्न पर बताया कि अभी पुरानी रेल बस को ही चलवाया जा रहा है। नई रेल बस आनी है, जैसे ही वह तैयार होगी, नई रेल बस चलवा देंगे।
निरीक्षण में मिलीं खामियां, दिए सुधार के निर्देश
जीएम प्रमोद कुमार को पलवल से लेकर मथुरा तक निरीक्षण में बहुत सी खामियां मिलीं। इन खामियों मेें सुधार के निर्देश दिए। सुबह करीब आठ बजे मथुरा होते हुए पलवल पहुंचे। पलवल से निरीक्षण करना प्रारंभ किया गया। कोसीकलां, भूतेश्वर और मथुरा जंक्शन का निरीक्षण किया। जंक्शन के निरीक्षण में जीएम ने टर्मिनल में खामियां पाईं। संबंधित अधिकारी को इन्हें पूरा करने के निर्देश दिए। यहां से वह रेलवे के उपकरणों का निरीक्षण करते हुए जंक्शन की सेकेंड एंट्री पर पहुंचे। उन्होंने रेलवे कॉलोनी का निरीक्षण भी किया।
समस्याएं बताईं
जंक्शन पर यात्रियों को मिल रहीं सुविधाओं के चलते कुलियों का काम लगभग खत्म हो गया है। इससे करीब ११५ कुलियों के लिए रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। कुलियों को ग्रुप डी में समायोजित करने की मांग को लेकर कुली यूनियन ने जीएम को ज्ञापन दिया। ज्ञापन देने वालों में उमेश, राजू, शमशेर आलम, यादराम, लक्ष्मण, आसिफ अली आदि मौजूद रहे। इसी तरह क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्श दात्री समिति ने उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज के सदस्य डीएल शाह ने जीएम को ज्ञापन दिया। जिसमें मालगोदाम रोड की बाउंड्रीवाल तोड़ अनाधिकृत कब्जा, बस स्टैंड पर अनाधिकृत बसों का जमावाड़ा, प्लेट फार्म संख्या 2-3 पर लिफ्ट, जंक्शन के गार्ड ड्राइवर रनिंग रूम से रेलवे कॉलोनी तक सड़क निर्माण, रेलवे कॉलोनी के बेकार पड़े क्वार्टर में असामाजिक तत्वों के कब्जे, रेलवे कर्मचारियों के आवासों पर व्यवस्थाओं को करने संबंधी मांग की।
जीएम के जाते ही बंद हो गईं स्वचालित सीढ़ियां
जंक्शन पर यात्रियों को प्लेटफार्म संख्या एक से अन्य प्लेटफार्म पर पहुंचाने वाली स्वचालित सीढ़ियां, लिफ्ट को ठीक कराया गया था। जीएम जंक्शन से टीएसएस का निरीक्षण करने गए, यह स्वचालित सीढ़ियां फिर बंद हो गईं।