वृंदावन। इन दिनों यमुना का जलस्तर बढ़ने से सबसे ज्यादा खतरा खादर में बनी कॉलोनियों में हैं। हो भी क्यों न, ऐसी कॉलोनियां अवैध जो हैं। खादर क्षेत्र में निर्माण प्रतिबंधित होने के बाद भी बड़ी-बड़ी कॉलोनियों बसा दी गईं। इतना ही नहीं यहां पर बल्लियों के सहारे माैत बनकर बिजली दाैड़ रही है।
ऐसी ही एक कॉलोनी है केशव नगर। यहां रसूखदारों ने मकान बनाकर बेच दिए और जिम्मेदार सोते रहे। यहां कॉलोनी बस गई और बिजली के कनेक्शन भी हो गए। वहीं जब कॉलोनी में खंभे लगाने की दिक्कत आई तो विभागीय कर्मचारियों ने बल्लियों के सहारे बिजली के तार बांध दिए और करंट दौड़ा दिया।
इधर, रसूखदारों के आगे प्रशासन की कलम की धार भी रुक गई। वह सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदकर बैठे रहे। न एमवीडीए को इस बात की चिंता रही और न अन्य विभागों को। नतीजा यह हुआ है कि वृंदावन में खादर में अवैध कॉलोनियों की पूरी बेल फैल गई।
खादर में बनी कॉलोनियों में हैरानी की बात तो यह है कि जहां एक विभाग अवैध मानता है तो दूसरा वैध तरीके से सुविधाएं उपलब्ध करा देता है। कुछ अड़चन आती भी है तो रास्ता निकाल लिया जाता है। अधिकारी-कर्मचारियों को फीलगुड होते ही अवैध होने पर भी जिम्मेदार वैध सुविधाएं मुहैया करा देते हैं। संवाद
खादर क्षेत्र में स्थायी निर्माण कार्य है प्रतिबंधित
गौरतलब है कि यमुना के खादर क्षेत्र में किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण प्रतिबंधित है। यह क्षेत्र बाढ़ संभावित जोन में आता है और यहां पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए विशेष नियम लागू हैं। बावजूद इसके केशव नगर समेत कई क्षेत्रों में नियमों की अनदेखी कर खुलेआम अवैध कॉलोनियां बसाई जा रही हैं।
वर्जन
यमुना के खादर में कॉलोनियों की अनुमति नहीं है। यहां किसी प्रकार से कॉलोनी नहीं बसाई जा सकती। सिचाईं विभाग की जिम्मेदारी है कि ऐसी जगहों पर निगरानी रखें।
-अरविंद द्विवेदी, एमवीडीए सचिव
नियम विरुद्ध कनेक्शन देना ठीक नहीं है। खादर में बनी कॉलोनियों में किस आधार पर कनेक्शन दिए जा रहे हैं, इसकी जांच कराई जाएगी।
-राजीव गर्ग, मुख्य अभियंता मथुरा जोन