मथुरा। राष्ट्रीय चुनाव आयोग की पाबंदी के चलते इस बार विधानसभा चुनाव में राजनीतिक पार्टियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर हावी रहने की होड़ पार्टियों में मच गई है। चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन न हो, इसके लिए पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। भाजपा, सपा, कांग्रेस, बसपा, रालोद सहित अन्य पार्टियों के मीडिया प्रचार तंत्र सोशल मीडिया पर प्रचार करने में जुट भी गए हैं।
विधानसभा चुनाव में वोटरों तक पहुंचने के लिए राजनीतिक पार्टियां इस बार इंटरनेट मीडिया माध्यमों का इस्तेमाल कर रही हैं। कुछ ने इसकी शुरूआत कर दी है तो कुछ इन माध्यमों पर तैयारी कर रहे हैं। इसको देखते हुए पुलिस ने भी तीन स्तरीय निगरानी की योजना बनाई है। इंटरनेट मीडिया पर भी आचार संहिता के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी। आगरा जोन के एडीजी राजीव कृष्ण ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार आचार संहिता का पालन कराया जा रहा है। इंटरनेट पर पुलिस निगरानी कर रही है। इंटरनेट मीडिया पर आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि शहर और देहात में लगभग हर हाथ में स्मार्ट फोन है और इंटरनेट भी है। हर आयु वर्ग के लोग इंटरनेट से जुड़े हैं। इसको देखते हुए सभी दल इंटरनेट पर सक्रिय हैं। इसके साथ ही चुनाव में टिकट की दावेदारी कर रहे नेता अपना प्रचार भी इसी माध्यम से कर रहे हैं। चुनाव आयोग की गाइडलाइन के बाद इंटरनेट मीडिया का अधिक इस्तेमाल होने की संभावना और बढ़ गई है। इसको देखते हुए पुलिस भी अपनी तैयारी कर रही है।
जिला, रेंज और जोन स्तर पर साइबर सेल इसकी निगरानी करेंगी। सोशल मीडिया पर अपलोड होने वाले कंटेंट को देखा जाएगा। फेसबुक, ट्विटर, यू ट्यूब, इंस्टाग्राम समेत अन्य मीडिया माध्यमों पर पुलिस की टीम नजर रखेगी। यदि किसी इंटरनेट मीडिया माध्यम पर पोस्ट करके कोई वोटरों को रुपये या अन्य कोई प्रलोभन देता है तो आचार संहिता उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।