निर्माणाधीन मकान में दर्दनाक हादसा हुआ। छत डालने के दाैरान गर्डर नीचे आ गिरे। इसकी चपेट में आए बुजुर्ग के दोनों पैर कट गए। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उनकी माैत हो गई।
तांगड़ा निवासी गोपीचंद (72) ऑफिसर कॉलोनी स्थित अपने खेत पर रहने के लिए एक कमरे का निर्माण करा रहे थे। रविवार सुबह करीब 11 बजे मजदूर कमरे की छत डालने की तैयारी में जुटे थे। बीम पर भारी लोहे की गर्डर चढ़ाई जा रही थीं। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ गया और बीम पर रखी तीनों गर्डर एक साथ नीचे आ गिरीं।
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उस समय गोपीचंद निर्माण कार्य की निगरानी करते हुए पास ही खड़े थे, जिससे वह सीधे गर्डरों की चपेट में आ गए। बुजुर्ग के गर्डर के नीचे दबते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। मजदूरों ने तुरंत काम छोड़कर लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद गर्डर को हटाकर गोपीचंद को बाहर निकाला गया। हादसे में उनके दोनों पैर बुरी तरह जख्मी होकर शरीर से अलग हो गए। परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहां उनकी माैत हो गई।