राधाकुंड (मथुरा)। मथुरा ब्लाक के कोन्हई गांव में जरूरी सुविधाओं का अभाव है। यहां की सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था काफी जर्जर हो चुकी है। स्कूल में मास्टर साहब समय से आते नहीं, वहीं कक्षाओं में हमेशा गंदगी फैली रहती है। इससे स्कूलों में छात्रों की संख्या बहुत ही कम रह गई है। गांव में लगी पानी की टंकी दस साल से खराब है। इससे लोगों को पेयजल के लिए जद्दोजहद करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की समस्या की ओर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। अफसर मौके पर निरीक्षण करने तक नहीं आते हैं। गांव के विकास के लिए 50 लाख रुपये तक खर्च किए जा चुके हैं।
जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर बसे गांव कोन्हई की आबादी 4000 है। इस गांव पंचायत से एक गांव नगला अजब सिंह भी जुड़ा है। गांव में भूगर्भ का जल भी खारा है। गांव में पूर्व में बनाई गई टंकी 10 साल से खराब पड़ी है। अब ग्रामीणों को पानी के लिए एक व्यक्ति पर निर्भर रहना पड़ता है। इसके बाद भी लोगों को दूर से पीने का पानी ढोकर लाना पड़ता है।
कक्षाओं में पड़ा रहता है मलबा, गंदगी में पढ़ने को मजबूर हैं छात्र
गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में गंदगी पसरी रहती है। गांव का सफाईकर्मी सफाई नहीं करता। कक्षाओं में मलबा पड़ा है। फर्स पर रेत जमी रहती है। छात्र-छात्राएं गंदगी में पढ़ने को मजबूर हैं। ग्रामीणों की शिकायत रहती है कि शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंचते। कभी शिक्षाधिकारी गांव के स्कूल का मौका मुआयना करने नहीं आते। इसकी वजह से लोग अपने बच्चों को इन स्कूलों में नहीं भेजते हैं।
जर्जर हो चुके हैं बिजली के तार
गांव में बिजली के तार जर्जर लटक रहे हैं। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। कई मकानों के ऊपर से होकर बिजली की लाइन गुजर रही है। गांव में राशन वितरण की व्यवस्था धड़ाम है। पात्र लोगों को भी राशन नहीं मिलता।
ग्रामीण बोले-
गांव में शिक्षा का स्तर बहुत घटिया
गांव में स्कूल में गंदगी पसरी पड़ी है। कक्षाओं में मलबा पड़ा रहता है। वहीं, बरामदों में हमेशा रेत जमी रहती है। यहां सुबह 10 बजे तक शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचते। शिक्षाधिकारी कभी गांव के स्कूल का मौका मुआयना नहीं करने आते। शिक्षा का स्तर बहुत घटिया है। इसके चलते गांव में छात्रों की संख्या बहुत कम है।
-गिर्राज सिंह निवासी गांव कोन्हई
गांव को जुल्हेंदी से जोड़ने वाला मार्ग की हालत दयनीय
गांव में बिजली के तार जर्जर हालत में है। गांव के कई लोगों के मकानों के ऊपर से होकर हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। इससे कभी दुर्घटना हो सकती है। बिजली अधिकारी गांव मेें निरीक्षण तक नहीं करते। गांव को जुल्हेंदी से जोड़ने वाला मार्ग क्षतिग्रस्त है। उसमें बड़े बड़े गड्डे हो रहे हैं।
-भगवान सिंह निवासी गांव कोन्हई
गांव में पीने के पानी का इंतजाम तक नहीं
गांव में पीने के पानी का इंतजाम नहीं है। पूर्व में पानी पीने की टंकी 10 साल से टूटी पड़ी है। अब ग्रामीणों को एक व्यक्ति के ट्यूबवेल से पानी मिल रहा है, जो काफी महंगा पड़ रहा है। जल निगम व पंचायती विभाग के अफसरों ने गांव में निरीक्षण नहीं किया।
भूपसिंह निवासी गांव कोन्हाई
गांव में बरातघर और पंचायत घर तक नहीं
गांव में बरातघर और पंचायत घर नहीं है। सामाजिक कार्यों व क्रिया कलाप को लेकर निजी लोगों की जमीन का सहारा लेना पड़ता है। गांव में सफाईकर्मी सफाई नहीं करता। गांव में सभी लोगों के शौचालय भी नहीं बने हैं। लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं।
-जयपाल सिंह यदुवंशी
विकास की योजना बनाई गई है, सफाई पर विशेष ध्यान रहेगा
-गांव के विकास कार्यों के लिए चार साल में 50 लाख से अधिक राशि मिली है। इससे 300 लोगों के घरों में शौचालय बनवाए हैं। 15 गलियां पक्की कराई है। स्कूल में टाइल्स लगवाई हैं। आगामी विकास की योजना बनाई है। सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
-अमर सिंह, ग्राम प्रधान कोन्हई पंचायत