मथुरा। विधानसभा चुनाव की डुगडुगी बज चुकी है। मथुरा जनपद की सभी पांच विधानसभा सीटों के लिए प्रथम चरण में मतदान होना है। इसके लिए नामांकन प्रक्रिया १४ जनवरी से शुरू होने जा रही है। लेकिन अभी तक किसी भी दल ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। इसके चलते उम्मीदवारों के नामों को लेकर बाजार गर्माया हुआ है। किसे किस दल से टिकट मिलेगी और किसकी कटेगी, लोग कयास लगा रहे हैं।
भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा राजनीतिक परिदृष्य में हमेशा छाए रहती है। खासकर भाजपा के चुनावी एजेंडे का मथुरा प्रमुख हिस्सा भी है। अयोध्या, काशी के साथ मथुरा हिंदू एजेंडा का केंद्र है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के राजनीतिक हलकों में मथुरा सुर्खियां बना हुआ हैं। ऐसे में सभी दलों के लिए विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एक बार फिर मथुरा जनपद अहम हो गया है। ऐसे में लोगों की जिज्ञासा बन रही है कि किस दल से यहां कौन उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरेगा।
भाजपा के मौजूदा विधायकों के नामों को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। इसमें एक-दो क्षेत्रों में परिवर्तन हो लेकर भी चर्चाएं हैं। सपा और रालोद गठबंधन में किस दल को कितनी सीट मिलेंगी, इस पर भी आए दिन स्थितियां बदल रही हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चाएं हैं कि जनपद की पांच विधानसभा क्षेत्रों में से तीन पर रालोद अपना उम्मीदवार उतारेगा तो दो समाजवादी पार्टी के खाते में जाएंगी।
इसमें सपा की दावेदारी उन सीटों पर मजबूत बताई जा रही है, जहां पिछले चुनावों में सपा का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है। कहा तो यह जा रहा है कि दोनों ही सीटों पर सपा से बाहरी उम्मीदवारों की प्रमुख रूप से दावेदारी सामने आ रही है। इससे स्थानीय दावेदार बेचैन हैं। कांग्रेस और बसपा के नामों को लेकर भी तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि अब एक-दो दिन में पार्टियों के स्तर से उम्मीदवारों के नामों की घोषणाएं होने लगेंगी।