तेज हवाओं के साथ होने वाली बरसात ने गेहूं, सरसों और जौं के साथ आलू की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। पकने को तैयार गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है। खेत में पड़ा आलू सील गया है। कटी पड़ी सरसों भी बेकार हो गई है।
मौसम के इस रंग ने किसानों को बेचैन कर दिया है। जानकारों का मानना है कि अगर मौसम नहीं खुला तो नुकसान का ग्राफ और बढ़ जाएगा।मथुरा जिले में एक लाख 73 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल खड़ी है। गेहूं की फसल पकने को तैयार है।
बीस दिनों बाद कटाई शुरू हो जाएगी। बीते दो दिनों से तेज हवाओं के साथ हुई बरसात ने फसलों की रंगत छीन ली है। खेतों में लहलहा रही गेहूं की फसल ढह गई है। जहां ओला पड़ा है वहां गेहूं की बाली टूटकर जमीन पर गिर गई है। इससे उत्पादन का गिरना तय माना जा रहा है।
सरसों की फसल भी खेतों में कटी पड़ी है। वह भी खराब हो जाएगी। खेत में नमी हो जाने के कारण दाना खराब हो जाएगा। चौमुहां निवासी विमलेश ने बताया कि दो एकड़ में गेहूं की फसल खड़ी थी लेकिन सारी फसल खेत में बिछ गई। चौमुंहा निवासी रोहतान सिंह का कहना है कि उन्होंने पांच बीघा आलू की कल खोदाई की थी।
सारा आलू खेत में ही पड़ा है। सब भीग गया है। अहमदपुर निवासी पंडित जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि दो एकड़ सरसों खेत में कटी पड़ी है। भीग जाने के कारण नुकसान हो गया है। मांट के विपिन कुमार ने बताया कि गेहूं की फसल इस बार अच्छी थी। लेकिन सारी फसल खेत में गिर गई है।