प्रशासन ने अब दो साल से जवाहर बाग पर कब्जा जमाए लोगों की घेराबंदी शुरू कर दी है। बाहरी जिलों से पीएसी सहित पुलिस बल मथुरा पहुंचने लगा है। बुधवार को पुलिस बल की मौजूदगी में अफसरों ने ड्रोन कैमरे की मदद से जवाहर बाग के अंदर की गतिविधियों की जानकारी ली।
जिला मुख्यालय के बिगड़ते हालात से चिंतित प्रशासन अब जवाहर बाग प्रकरण का समाधान करने की दिशा में आगे बढ़ता नजर आ रहा है। बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट विजय कुमार और एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी ने जवाहर बाग से सटी सदर तहसील का जायजा लिया। तहसील भवन की छत और पानी की टंकी पर चढ़कर जवाहर बाग के अंदर के हालातों को देखा। इस दौरान ड्रोन कैमरे की भी मदद ली गई। हालांकि जवाहर बाग और आसपास वृक्षों की बहुतायत के चलते ड्रोन कैमरा ज्यादा कारगर साबित नहीं हो सकता है।
इस स्थिति में दोनों अफसरों ने जवाहर बाग के आसपास की कालोनियों का भी निरीक्षण किया। यहां सुरक्षा के प्वाइंट चिह्नित किए गए। जवाहर बाग में किसी भी ऑपरेशन के दौरान किस तरह निपटा जाएगा और इन कालोनियों का क्या उपयोग हो सकता है। यहां रह रहे लोगों की सुरक्षा किस तरह की जाएगी। इन सभी बिंदुओं पर भी मंथन किया गया।
इसके अलावा जवाहर बाग से जुडे़ क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं। यह कैमरे जवाहर बाग को कब्जाए लोगों की प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखेंगे। तहसील परिसर में पीएसी की एक कंपनी तैनात कर दी गई है। सिटी मजिस्ट्रेट विजय कुमार ने बताया कि स्थितियों को समझा जा रहा है। आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कर्मचारियों की सुरक्षा के भी प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा बल जनपद को मिलने लगा है।
इधर डीएम राजेश कुमार के स्तर से प्रमुख सचिव गृह को सूचना दे दी गई है। उन्हें जवाहर बाग में कब्जे के कारण जिले में पैदा हुई गंभीर स्थिति से अवगत करा दिया गया है। शासन को अवगत कराने के बाद पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं।
कार्यालय खुले, लेखपालों की हड़ताल जारी
सदर तहसील पर हमले के दौरान अधिवक्ता, वादकारी और कर्मचारियों की पिटाई से आक्रोशित लेखपाल संघ की काम बंद हड़ताल बुधवार को भी जारी रही। वटवृक्ष के नीचे धरनारत कर्मचारी नेताओं ने बीते दिन प्रशासन द्वारा आठ लोगों को जेल भेजने के फैसले की सराहना की। इधर, कलक्ट्रेट के कर्मचारियों ने हड़ताल स्थगित करते हुए बुधवार को काम शुरू कर दिया। आठ दिन से कलक्ट्रेट की तालेबंदी से परेशान प्रशासन को बड़ी राहत मिली है। हालांकि कुछ कार्यालयों को धरनारत कर्मचारियों ने फिर बंद कराने की कोशिश की।