कोसीकलां। पिछले दिनों हुई बारिश से खेत में खड़ी तथा मंडी में बिक्री के लिए आई धान की फसल बर्बाद हाे गई। बेटियों के हाथ पीले करने की सोच रहे कई अन्नदाताओं को खासा धक्का लगा है। उनके अरमानों पर पानी फिर गया। इनमें से कई अब अगले साल बेटियों की शादी करने का विचार कर रहे हैं।
गांव जाव निवासी भगत सिंह मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं। एक बेटी की शादी कर दी है। दूसरी बेटी शादी योग्य है। उनके पास पैतृक जमीन है। बेटी के हाथ पीले करने की सोच रहे थे, लेकिन अब विचार त्याग दिया है।
रामजीत का कहना है कि परिवार का विचार था कि इस बार बेटी के हाथ पीले कर देंगे। इसके लिए वर भी तलाश कर लिया है, लेकिन तबाह हुई फसल की वजह से घर में इतना इंतजाम नहीं है कि बेटी को विदा कर सकें। लिहाजा इस बार शादी का विचार त्याग दिया है।
यही हाल गांव बठैनकलां, धर्मनगर, सुरवारी, कादौना, पीररवाला समेत कई गांवों का है। देशराज, गंगा देवी, विनोद, कन्हैया लाल, गोकल, हुकमसिंह, रवि, महेश, सुखवीर, प्रेमचंद का कहना है कि खेतों में बारिश का पानी भर गया। फसल पक जाने तक खेतों से पानी नहीं सूखा। सोमवार को बारिश हो गई, जिससे दोबारा पानी भर गया। रही सही कसर मंगलवार सुबह हुई बारिश ने पूरी कर दी।संवाद