वृंदावन। प्राचीन गोपेश्वर मंदिर की सेवायत डॉक्टर मीनाक्षी गोस्वामी ने अपने जीवन को महादेव और राधारानी की सेवा में समर्पित कर रखा था। वह वृंदावन से प्रतिदिन की तरह शुक्रवार को श्रीराधारानी के दर्शन के लिए मानसरोवर गई थी। लौटते पर समय सड़क हादसे का शिकार हो गईं। संपर्क के लोगों को हादसे में उनकी मौत का विश्वास नहीं हो पा रहा है।
रंगजी मंदिर के पूर्वी गेट परिसर में लंबे समय से अकेली रह रहीं मीनाक्षी की गोपेश्वर महादेव मंदिर में 11 दिन की सेवा आती थी जबकि 11 दिन की सेवा उनके भाई गोपेश के दो वर्ष पहले निधन हो जाने के बाद भतीजे रुद्राक्ष द्वारा की जा रही है। गोपेश्वर महादेव मंदिर के सेवायतों ने बताया कि डॉक्टर मीनाक्षी एक भाई और तीन बहनों में सबसे छोटीं थीं। एक वर्ष पहले उनके पिता रामगोपाल गोस्वामी की मृत्यु हो गई। जबकि उनके भाई का परिवार गोपेश्वर मंदिर परिसर में ही रहता है। वह रंगजी मंदिर के पूर्व गेट परिसर में मकान में अकेले रहतीं थीं। लगभग 50 वर्ष की डॉक्टर मीनाक्षी सुबह गोपेश्वर महादेव की सेवा में रहतीं थीं।