कुछ लोगों को माता पिता के कारण आनुवंशिक रूप में यह बीमारी होती है। यदि सही समय पर इलाज और देखभाल की जाए तो बाल सफेद होने और झड़ने की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। महिलाओं में अधिकांश: प्रसव के बाद बाल झड़ने की समस्या होती है। यह हार्मोन की गड़बड़ी, खून की कमी, मैदा से बने खाद्य पदार्थों के सेवन से होती है। युवाओं में काले बालों को दूसरे रंग का कराने का काफी क्रेज रहता है।
बाजार में सस्ती कीमत की डाई का प्रयोग बालों को सफेद तो करता है साथ ही बालों को पतला कर गंजेपन की बीमारी भी प्रदान करता है। भारी पानी से बाल धोने के कारण भी युवा और महिलाओं को बाल झड़ने की बीमारी हो जाती है।
क्या करें
- रोजाना 40 मिनट तक व्यायाम करें
- प्रदूषण से बालों को बचाएं
- बालों पर सस्ती डाई न लगवाएं
- मैदा, प्रोसेस्ड और मीठे खाद्य पदार्थों के सेवन से परहेज
- फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ, लीन प्रोटीन, जिंक युक्त चीजें (जैसे कद्दू के बीज), बायोटिन युक्त खाद्य पदार्थ (जैसे अंडे, एवोकाडो) का प्रयोग करें
- बाल झड़ने और सफेद होने पर जांच कराने के बाद पूरा इलाज कराएं
ये भी पढ़ें-
UP: लूट के आरोपी ने किया एसओजी प्रभारी का सम्मान...दंगल में भेंट की चांदी की गाय, कई जिलों में दर्ज हैं मुकदमे
http://