मथुरा। महावन के रमणरेती स्थित उदासीन कार्ष्णि आश्रम में शुक्रवार को पांच दिवसीय कार्ष्णि गोपाल जयंती महोत्सव का शुभारंभ भगवान गणेश के पूजन के साथ हुआ। कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज के सानिध्य में शुरू हुए इस आयोजन में मलूक पीठाधीश्वर राजेन्द्र दास महाराज ने कहा सत्संग का एक क्षण भी नहीं छोड़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रमणरेती आश्रम पवित्र स्थान है। यहां साक्षात ठाकुर रमण बिहारी विराजमान हैं। दूसरी ओर संतों का मार्गदर्शन करने वाले पीठाधीश्वर कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज भी विराजमान हैं। जो भक्त सत्य की राह पकड़कर संतों के सान्निध्य में रहता है वहीं परमपिता परमेश्वर का प्रिय होता है।
योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि ब्रह्ममुहूर्त में उठकर सभी से योग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति संतों द्वारा बताए गए भक्ति के मार्ग पर चलता है वह भवसागर से पार हो जाता है। प्रयागराज महाकुंभ को लेकर कहा कि महाकुंभ में लगभग 65 करोड़ लोगों ने स्नान किया। यह एक अलौकिक दृश्य था। वहां सभी सनातनियों ने भेदभाव भुलाकर एकजुटता का संदेश दिया है।
भागवताचार्य श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर ने कहा कि भक्त को कभी ईश्वर से मांगने की इच्छा प्रगट नहीं करनी चाहिए। ईश्वर उसे स्वयं देने के इच्छुक होते हैं। इस दौरान कार्ष्णि हरदेवानंद महाराज, कार्ष्णि दिव्यानंद महाराज, कार्ष्णि गोविंदानंद महाराज, कार्ष्णि नागेंद्र महाराज, चंदर अरोड़ा, उमेश जटवानी, सुधीर यादव, पुष्पेंद्र आदि मौजूद रहे।