मथुरा। सोमवार देर शाम चली तेज हवा ने जनपद की विद्युत व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया। पूरी रात उपभोक्ताओं को अंधेरे व गर्मी के बीच गुजारनी पड़ी। तेज हवा के कारण जगह-जगह बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। कई स्थानों पर पेड़ों की डालियां टूटकर तारों पर गिर गईं, जिससे बड़े पैमाने पर फाल्ट हो गए।
शहरी क्षेत्रों में बार-बार ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या से लोग परेशान रहे। कूलर और पंखे बंद होने से उमस भरी गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों की हालत सबसे ज्यादा खराब रही। वहीं, ग्रामीण इलाकों में कई घंटों तक बिजली गुल रहने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई। विद्युत निगम की टीमों ने रातभर अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर फाल्ट सुधारने का प्रयास किया। आंधी से नुकसान के चलते आपूर्ति बहाल करने में समय लगा।
मंगलवार सुबह तक मोतीकुंज, जयगुरुदेव, जयसिंहपुरा, होलीगेट, विकास मार्केट, छत्ता बाजार, स्वामी घाट, डेंपियर नगर, रिफाइनरी क्षेत्र की आधा दर्जन से अधिक कॉलोनियों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो सकी। उपभोक्ता राकेश यादव ने विद्युत निगम से मांग की है कि गर्मी के मौसम में बिजली व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। वहीं छाता, कोसीकलां, बल्देव, मांट, नौहझील, चौमुहां, गोवर्धन, बरसाना, राधाकुंड, राया, शेरगढ़ क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बिजली न आने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता राजीव गर्ग ने बताया कि जैसे ही फाल्ट की सूचना मिली, तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंच कर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया।