मथुरा। बिगड़ते खानपान, बदलती जीवनशैली और अनियंत्रित शुगर के साथ प्रदूषण व स्क्रीन का बढ़ता इस्तेमाल आंखों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 80-90 मरीज आंखों की समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं, हर महीने करीब 60 से 100 मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कल्पंत तिवारी ने बताया कि प्रदूषण और स्क्रीन का बढ़ता इस्तेमाल भी आंखों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में सूखापन आता है। धूल और धुएं से जलन व लालिमा बढ़ती है। डॉ. तिवारी के अनुसार, सर्दियों में मोतियाबिंद ऑपरेशन का आंकड़ा 100 के पार जा सकता है। मरीजों में बच्चों की संख्या सबसे अधिक होती है। उन्होंने आंखों की देखभाल के लिए दिनचर्या सुधारने और समय पर जांच कराने की सलाह दी।