दावा किया कि कभी स्कूटर से आने वाले मंदिर के कर्मचारी आज आलीशान कोठियों और लग्जरी गाड़ियों के मालिक बन चुके हैं। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था और श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान कटरा केशवदेव के उप प्रबंधक अनुराग पाठक ने उनके खिलाफ गोविंद नगर थाने में तहरीर देकर 20 लाख की चौथ मांगने का आरोप लगाया था। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने भी सीएम योगी को पत्र जारी कर फलाहारी के आरोपों को मनगढ़ंत बताया था और हकीकत जानने के लिए जांच कराने की मांग की थी।
हालांकि अब दिनेश फलाहारी महाराज के बोल बदल गए हैं। उनका कहना है कि जो जांच हम कराना चाहते थे वही जांच सचिव कपिल शर्मा कराना चाहते हैं। इससे जाहिर है कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान प्रबंधन बेहतर कार्य कर रहा है। मंदिर में स्वच्छ छवि से कार्य होता रहे और जब तक उन्हें ठोस सबूत नहीं मिलेंगे तब वह कोई आरोप नहीं लगाएंगे। वहीं सचिव कपिल शर्मा का कहना है कि बिना साक्ष्य के किसी पर आरोप लगाना उचित नहीं है। वह खुद को संत बताते हैं, तो किसी संत को बिना साक्ष्य के बात नहीं करनी चाहिए। हल्की बात करने से संत समाज पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
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