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सीएचसी में शोपीस बनी डिजिटल एक्स-रे मशीन

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कोसीकलां। सीएचसी में तीन माह पूर्व डोनेट की गई डिजिटल एक्स रे मशीन शुरू नहीं हो सकी है। इस कारण अस्पताल में एक्स-रे कराने के लिए आने वाले मरीजों को निजी एक्स-रे सेंटरों पर तीन सौ से चार सौ रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
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सीएचसी में उपचार कराने वाले मरीजों को डिजिटल एक्स-रे सुविधा मिल सके, इसके लिए तीन माह पूर्व दिल्ली की एक संस्था ने मशीन डोनेट की थी। डिजिटल मशीन आने से लोगों को अस्पताल में ही डिजिटल एक्से-रे की सुविधा मिलने की उम्मीद जगी थी। तीन माह बीतने के बाद भी मशीन शुरू नहीं हो पाई है।
इससे अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को डिजिटल एक्स-रे के लिए तीन सौ से चार सौ रुपये खर्च करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। सीएचसी प्रभारी डॉ. गिरेंद्रपाल सिंह ने बताया कि एक्स-रे फिल्म के अभाव में एक्स-रे की सेवा शुरू नहीं हो सकी है। इस बारे में उच्चाधिकारियों ने शासन स्तर पर अवगत करा दिया है।
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रेफर सेंटर बना सीएचसी
सरकार ने कई वर्ष पूर्व लोगों को चिकित्सा की सुविधा देने के लिए नगर में 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निर्माण कराया था। बनने के बाद से ही यह सीएचसी सुविधाओं की कमी का शिकार है। यहां हमेशा डॉक्टरों के साथ अन्य स्टाफ की काफी कमी रहती है। चिकित्सा उपकरणों के नाम पर कुछ नहीं है। अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है। प्रयोगशाला में खानापूरी की जा रही है। प्रयोगशाला में जांचों के लिए दवाएं व केमिकल तो हैं, लेकिन लैब तकनीशियन नहीं हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण यहां साधारण प्रसव ही किया जाता है। गंभीर रोगी को यहां से दूसरी जगह के लिए रेफर कर दिया जाता है।
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